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घर में क्यों न बनाएं अंडर ग्राउंड कमरे … जरा इसे तो पढ़ें ….

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किसी भी घर या दुकान में बनाए गए अंडर ग्राउंड कमरे को बेसमेंट य़ानी तलघर या तहखाना कहा जाता है। बेसमेंट सभी घरों में नहीं बनवाया जाता। कुछ लोग ही इसे बनवाते हैं तो कुछ नहीं भी बनवाते। यह सिर्फ जरूरत के हिसाब से ही बनवाया जाता है। किसी वक्त घरों में तलघर बनवाने का रिवाज हुआ करता था था। तब इसे लोग स्टोर के तौर पर प्रयोग करते थे या फिर यह किसी आक्रमण के समय छिपने के काम में आता था। वास्तु शास्त्र के अनुसार रिहायशी घरों में तलघर का होना अशुभ फल देता है। वास्तु के अनुसार घर में तहखाना होना ही नहीं चाहिए। यदि बनवाना आवश्यक हो तो नीचे लिखी बातों का ध्यान अवश्य रखें –

  • तलघर की मंजिल भूमि स्तर की मंजिल के उत्तरी – पूर्वी भाग में होनी चाहिए, लेकिन दक्षिण या दक्षिण – पूर्व भाग में नहीं होना चाहिए । तलघर या बेसमेंट भूखंड के पूर्वी भाग में भी अच्छा रहता है।
  • जब भूखंड के पूरे भाग में तलघर बनाना हो तो उसके दक्षिण – पश्चिम भाग में भारी वस्तुएं रखनी चाहिए एवं उत्तर – पूर्व के पार्श्व भाग को खुला रखना चाहिए, यह शुभ रहता है।

  • सड़क से सामने पड़ने वाले तलघर में प्रवेश द्वार को उसके मध्य से बनाना ठीक रहता है एवं उसके दक्षिण-पश्चिम कोने को थोड़ा ऊंचा रखना चाहिए ।
  • अगर तलघर में किसी प्रकार का जल संग्रह करने का टैंक बनाना हो तो उसको हमेशा उत्तर-पूर्व के कोने में या उत्तर दिशा में बनाना चाहिए । वैसे तो मकान में कभी भी सम्पूर्ण भूखंड में तलघर या बेसमेंट नहीं बनाना चाहिए
  • भूखंड के आधे भाग से ज्यादा भाग में तलघर या बेसमेंट नहीं बनाना चाहिए। तलघर का उपयोग हो सके तो कभी भी निवास स्थान या रहने के लिए नहीं करना चाहिए।

  • जहां तक हो सके घर में तहखाना बनाने से बचें, क्योंकि तहखाना अंधकार का सूचक है जो घर में प्रवेश करने वाली ऊर्जा का क्षय करता है।
  • व्यवसायिक भवनों/दुकानों के नीचे बेसमेंट की उपयोगिता है इसलिए अवश्य बनवाना चाहिए।
  • आवासीय भवनों में यदि बेसमेंट बनवाएं तो वास्तु सम्मत हो इस बात का विशेष ध्यान रखें। बेसमेंट का आकार चूल्हे जैसा न हो।

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