क्या पुनर्जन्म होता है?

0

पुनर्जन्म यह धारणा है कि व्यक्ति मृत्यु के पश्चात पुनः जन्म लेता है या कि कर्म आदि के अनुसार कोई मनुष्य मरने के बाद कहीं अन्यत्र जन्म लेता है। पाश्चात्य मत में सामान्यतः पुनर्जन्म स्वीकृत नहीं है। कहा जाता है, यदि व्यक्ति का पुनर्जन्म होता है तो उसे अपने पहले जन्म की याद क्यों नहीं होती? भारतीय मत इसका उत्तर देता है कि अज्ञान से आवृत्त होने के कारण आत्मा अपना वर्तमान देखती है और भविष्य बनाने का प्रयत्न करती है, पर भूत को एकदम भूल जाती है। यदि अज्ञान का नाश हो जाए तो पूर्वजन्म का ज्ञान असंभव नहीं है। भारत की पौराणिक कथाओं में इस तरह के अनेक उदाहरण हैं और योगशास्त्र में पूर्वजन्म का ज्ञान प्राप्त करने के उपाय वर्णित हैं। हिंदू धर्म के अनुसार मनुष्य का केवल शरीर मरता है उसकी आत्मा नहीं। आत्मा एक शरीर का त्याग कर दूसरे शरीर में प्रवेश करती है, इसे ही पुनर्जन्म कहते हैं। हालांकि नया जन्म लेने के बाद पिछले जन्म की याद बहुत ही कम लोगों को रह पाती है। इसलिए ऐसी घटनाएं कभी कभार ही सामने आती हैं। पुनर्जन्म की घटनाएं भारत सहित दुनिया के कई हिस्सों मे सुनने को मिलती है। ऐसा नहीं है कि हर मौत के बाद कोई इंसान के रूप में ही जन्म ले। वह अगले जन्म में क्या बनेगा यह उसके कर्मों पर भी निर्भर करता है, कई बार मनुष्य को पशु योनि भी मिलती है। कई बार हम देखते हैं कि हम किसी का बुरा नहीं चाहते , लेकिन फिर भी हमारे साथ बुरा होता है। इसकी वजह है पिछले जन्मों के कर्म जो कि मनुष्य को भोगने ही पड़ते हैं।पुराणों में कई कथाएं भी ‌मि्लती हैं जो यह बताती हैं किर मृत्यु के समय व्यक्ति की जैसी चाहत और भावना होती है उसी अनुरूप उसे नया जन्म मिलता है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इंसान सात बार पुरुष या स्त्री बनकर ये शरीर धारण करता है और उसे यह अवसर मिलता है कि वह अच्छे या बुरे कर्मों द्वारा अपना अगला भाग्य लिखे। कुछ ऋषियों के अनुसार पूर्वजन्म के समय हमारे दिमाग में हर चीज रहती है लेकिन बहुत कम बार ही ऐसा होता है कि इंसान को उसके पिछले जन्म की बातें याद रहें इसका मतलब है कि हमारे पूर्व जन्मों की बातें हमारे दिमाग में रिकॉर्ड रहती हैं लेकिन हम इन्हें कभी याद नहीं कर पाते हैं।पुनर्जन्म के लिए महाभारत में एक कथा का उल्लेख है कि भीष्म श्रीकृष्ण से पूछते हैं – आज मैं बाणों की शैय्या पर लेटा हुआ हूं, आखिर मैंने कौन सा ऐसा पाप किया था जिसकी यह सजा है. भगवान श्री कृष्ण कहते हैं – आपको अपने छह जन्मों की बातें याद हैं लेकिन सातवें जन्म की बात याद नहीं है जिसमें आपने एक नाग को नागफनी के कांटों पर फेंक दिया था। यानी भीष्म के रूप में जन्म लेने से पहले उनके कई और जन्म हो चुके थे।

यह भी पढ़ेंः OMG! तो ये है दुनिया की सबसे गहरी गुफा

Leave A Reply