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मजदूर कार्यस्थल पर मौजूद नहीं, तो मस्टररोल में हाजिरी कैसे

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गफूर खान/ धर्मशाला। विकास खंड लंबागांव की पंचायत हारसी के पूर्व प्रधान पर पंचायत के ही एक निवासी ने लाखों रुपए की गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। आरोप में कहा गया है कि वर्ष 2006 से वर्ष 2011 तक हारसी पंचायत के प्रधान रहे महेंद्र चंद ने अपने कार्यकाल में लाखों रुपए की धांधली की है। इस कार्यकाल के दौरान तत्कालीन प्रधान ने बिना हाजिरी भरे मस्टररोलों पर मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों के हस्ताक्षर लेकर लाखों रुपए की हेराफेरी की है। यह आरोप पंचायत से ही संबंध रखने वाले रविंद्र सिंह ने लगाए हैं। रविंद्र सिंह ने कहा है कि पूर्व प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान जाली बिल बनाए हैं। इसके अलावा पूर्व प्रधान ने ऐसे लोगों की हाजिरी मस्टररोल में लगाई है, जोकि उस दौरान कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे।

  • हारसी के पूर्व प्रधान पर लाखों रुपए की गड़बड़ी का आरोप
  • पूर्व प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान बनाए जाली बिल

fraudस्थानीय निवासी के अनुसार पूर्व प्रधान ने मनरेगा कार्यों में रेता, बजरी तथा पत्थर की ढुलाई का कार्य अपने ट्रैक्टर के माध्यम से करवाकर उसका बिल ट्रैक्टर के चालक के नाम से बनवा कर लाखों रुपए का चूना सरकार को लगाया है। वहीं, पूर्व प्रधान ने बिना कोटेशन मांगे मनरेगा कार्यों में रेत, बजरी तथा पत्थर फिंकवा कर हेराफेरी की है। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधान द्वारा की गई हेराफेरी इस बात से भी जाहिर होती है कि उसने जिस दौरान पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन हो रहा था, उस दौरान पूर्व प्रधान द्वारा मनरेगा के तहत कार्यों को करवा रहे थे, जबकि ग्राम सभाओं के दौरान मनरेगा कार्यों में पूरी तरह से अवकाश होता है।

  • रेता, बजरी व पत्थर ढुलाई अपने ट्रैक्टर से करवाकर ट्रैक्टर चालक के नाम से बनवाया बिल
  • मरे हुए व्यक्ति के नाम से मनरेगा कार्यों में सीमेंट की बोरियों के बिल दर्शाए

dsl-newsरविंद्र ने पूर्व प्रधान पर आरोप लगाया है कि उसने एक ऐसे व्यक्ति के नाम से मनरेगा कार्यों में सीमेंट की बोरियों के बिल दर्शाए हैं, जिसकी मृत्यु पूर्व प्रधान द्वारा प्रधानगी का पद संभालने से पहले ही हो चुकी थी। इसके अलावा पूर्व प्रधान द्वारा बनवाए गए बिलों के सीरियल नंबर भी आगे-पीछे हैं, जोकि पूर्व प्रधान द्वारा की गई हेराफेरी को उजागर करते हैं। रविंद्र सिंह ने बताया कि उसने पूर्व प्रधान द्वारा किए गए गड़बड़झालों की शिकायत 27 जनवरी, 2016 को की थी, लेकिन आज इतना लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी उसकी शिकायत पर अमल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बारे संबंधित बीडीओ को भी कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन उन्होंने भी इस मामले में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि बीडीओ के व्यवहार से ऐसा प्रतीत होता है कि वह भी पूर्व प्रधान द्वारा की गई हेराफेरी में उसके साथ संलिप्त रहे हैं। वहीं, इस बारे में जिला पंचायत अधिकारी राजेंद्र धीमान का कहना है कि पूर्व प्रधान के कार्यकाल में किए गए कार्यों की जांच-पड़ताल चल रही है। अगर कुछ गड़बड़ पाई गई तो नियमों के अनुसार पूर्व प्रधान के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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