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फर्जी गरीब : 662 प्रशासन ने हटाए, 22 खुद हटे

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मंडी। जिला में फर्जी गरीब धीरे-धीरे बाहर आने लगे हैं। कुछ को तो प्रशासन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जबकि कुछ ने अपने आप ही बीपीएल परिवार की श्रेणी से अपना नाम वापस ले लिया है। जानकारी के अनुसार जिला के 662 अपात्र बीपीएल परिवारों को प्रशासन ने इस श्रेणी से बाहर कर दिया है, जबकि 22 लोगों ने शर्म के मारे खुद की इस श्रेणी से अपना नाम कटवा लिया है।

  • मंडी में चला अपात्र बीपीएल परिवारों पर प्रशासन का डंडा
  • घरों के बीपीएल का बोर्ड टांगने के बाद सामने आए रसूखदार गरीब

इस बात में कोई दोराय नहीं कि जो योजना सरकार दबे कुचले वर्ग के लिए बनाती है उसका लाभ कोई और ही ले जाता है। गरीब परिवारों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सरकार ने बीपीएल योजना चला रखी है, लेकिन इस योजना का भी रसूखदार सरेआम लाभ उठाकर गरीबों का हक डकारने पर तुले हुए थे।

 बता दें कि राज्य सरकार ने सभी बीपीएल परिवारों के घरों के बाहर बीपीएल होने का एक बोर्ड लगाने का निर्णय लिया है और सरकार की इस मुहिम से ही अपात्र परिवारों का खुलासा भी हुआ था। प्रशासन ने इस संदर्भ में ऐसे सभी अपात्र बीपीएल परिवारों की जांच पड़ताल शुरू कर दी थी। उसका नतीजा यह निकला कि प्रशासन जिला भर से अब तक 662 अपात्र बीपीएल परिवारों को इस श्रेणी से बाहर करने में कामयाब हुआ है और 22 परिवारों ने खुद ही अपना नाम इस श्रेणी से कटवा लिया है, जबकि 506 ऐसे नए परिवार भी हैं जिन्हें अब बीपीएल की श्रेणी में शामिल किया गया है, जबकि वर्षों तक इनका हक कोई और ही डकार रहा था। डीसी मंडी संदीप कदम ने इसकी पुष्टि की है। मंडी जिला में बीपीएल परिवारों की संख्या 40620 है, जिसमें से 31182 परिवारों के घरों के बाहर बीपीएल का बोर्ड लग चुका है। बाकी परिवारों के घरों पर भी बोर्ड लगाने की प्रक्रिया जारी है। डीसी मंडी संदीप कदम ने बाकी बचे हुए बीपीएल के अपात्र परिवारों से भी आह्वान किया है कि वह अपने आप ही इस श्रेणी से बाहर हो जाएं अन्यथा प्रशासन को कार्रवाई करते हुए इन्हें बाहर करना पड़ेगा।

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