इतना बड़ा गड़बड़झालाः नौकरी पाने के लिए ये क्या कर बैठी महिला

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नितेश सैनी/ सुंदरनगर। वन प्रशिक्षण संस्थान सुंदरनगर में एक महिला कर्मी ने फर्जी व गलत दस्तावेज पेश करके नौकरी हथियाने का मामला सामने आया है। वन प्रशिक्षण संस्थान सुंदरनगर में महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज  होने के बाद विभाग के निदेशक ने जांच बिठा दी है।

  • फर्जी व गलत दस्तावेज पेश कर हासिल की नौकरी व सुविधाएं

बताया गया है कि महिला कर्मी ने सरकारी नौकरी में रहते हुए 14 माह सामाजिक सुरक्षा पेंशन हड़पती रही। इतना ही नहीं महिला ने बीएसएल परियोजना के सरकारी स्कूल में भी अपनी बच्ची के दस्तावेजों में फर्जी सूचनाएं पेश कर दाखिला लिया। जिसमें दर्शाया गया है कि वह गृहिणी है और उसकी आमदनी तीन हजार है। जबकि वास्तव में महिला वर्ष 2007 से वन विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर सेवारत है।Fake and False Documents

शादीशुदा होने के बावजूद दस्तावेजों में दर्शाया अविवाहित

महिला का एक और कारनामा सुनिए शादीशुदा और एक बच्ची की मां होने के बावजूद उसने नौकरी में पेश किए गए दस्तावेजों में स्वयं को अविवाहिता दर्शाया है। जबकि जब उसने आवेदन किया उस समय महिला की बेटी की आयु चार साल थी। हैरान करने वाली  बात यहां पर अब यह भी सामने आई है कि महिला  बच्ची को अपना मानने से इनकार कर रही है। जबकि राशन कार्ड, स्कूली दस्तावेजों से लेकर अन्य आवश्यक कागजों में उस महिला की दो बेटियों के नाम दर्ज किए गए है।

वर्तमान में महिला वन विभाग के करनोड़ी स्थित आवासीय कालोनी में रहती है। दस्तावेजों में भारी अनियमितताएं पेश आने की सूरत में विभाग ने भी महिला के खिलाफ जांच बिठा दी है। अब देखना यह बाकी है कि महिला कर्मी के खिलाफ  विभागीय जांच पड़ताल पर कब कार्रवाई होती है।

Fake and False Documentsविभाग ने महिला के खिलाफ बिठाई जांच

वन प्रशिक्षण संस्थान सुंदरनगर निदेशक आरएस बनयाल ने कहा की महिला द्वारा नौकरी के दौरान पेश किए गए दस्तावेजों में स्वयं को अविवाहिता दर्शाया है। जबकि महिला शादीशुदा होने के साथ दो दो बच्चियों की मां है। नौकरी से पहले वर्ष 2004 में उसकी बेटी थी और वह 2007 में वन विभाग में नौकरी पर लगी है। लेकिन महिला ने फर्जी दस्तावेज देकर नौकरी पाई है। मामले की विभागीय जांच बिठा दी है।

बीएसएल परियोजना सुंदरनगर के उपमुख्य अभियंता ई. जगपाल सिंह ने कहा कि वन विभाग में सेवारत महिला कर्मी ने स्कूल के दस्तावेजों में स्वयं को गृहिणी बताया है और मासिक आय तीन हजार रुपए दर्शाई है। राशन कार्ड में भी गलत तथ्य पेश किए है। जबकि वह सरकारी कर्मी है और सरकारी क्वार्टर में रहती है।

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