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Administrative Tribunal : तीन शिक्षकों के हक में Decision

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मंडी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के मंडी सर्किट की डीके शर्मा पर आधारित एकल पीठ ने तीन अहम फैसलों में शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय मुख्य शिक्षक राम लाल जो बालीचौकी शिक्षा खंड से हैं वर्ष 2000 में रिटायर हो गए थे। उन्होंने अपने वकील टेक चंद शर्मा के माध्यम से प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में यह अपील दायर की थी कि उसके सेवाकाल में अप्रशिक्षित अवधि का जो पीरियड है उसे नहीं जोड़ा गया, जिस कारण से वह खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर पदोन्नत होने से वंचित हो गया।

  • सीएचटी राम लाल को मिलेगा खंड शिक्षा अधिकारी पद का लाभ 
  • सीएचटी पुष्पा व जेबीटी उत्तम को वरिष्ठ सूची के हिसाब से मिली पदोन्नति

happyट्रिब्यूनल ने उसकी अपील को जायज मानते हुए यह आदेश दिया कि राम लाल की अप्रशिक्षित अवधि जो 1963 से 1969 तक है को भी सेवाकाल में शामिल किया जाए तथा उसे बीपीईओ यानि खंड शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत माना जाए। उसी के हिसाब से उसे सभी तरह के लाभ दिए जाएं।

इसी तरह से एक अन्य मामले में ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय मुख्य शिक्षक यानी सीएचटी पुष्पा देवी की याचिका जो उसने अपने वकील टेक चंद शर्मा के माध्यम से दायर की थी निर्णय दिया कि पुष्पा देवी जो सुंदरनगर शिक्षा खंड से है को वरिष्ठता सूची में रखा जाए तथा उसे सारे लाभ दिए जाएं। पुष्पा देवी भी अपने पद से रिटायर हो चुकी हैं। एक अन्य मामले में थुनाग क्षेत्र के उत्तम सिंह को जेबीटी से टीजीटी में आने के लिए वरिष्ठता सूची में नहीं लिया गया था जिस पर उसने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने एडवोकेट टेक चंद शर्मा के माध्यम से अपील की। उनका कहना था कि जेबीटी को टीजीटी पर पदोन्नति के लिए जो 25 प्रतिशत कोटा था उसे उसका लाभ जो मिलना था वह नहीं दिया गया। ऐसे में उसे लाभ दिया जाए। ट्रिब्यूनल ने उसकी अपील को सही मानते हुए सरकार व शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि उत्तम सिंह को जो उसकी वरिष्ठता बनती है उसका लाभ देकर उसी दिन से टीजीटी में पदोन्नति दी जाए।

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