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सुप्रीम कोर्ट के रुख से एचपीसीए हो जाएगी लाचार

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गफूर खान/ धर्मशाला। क्रिकेट में सुधारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख का असर, हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) पर भी पड़ेगा। यदि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेशों में किसी तरह की ढील नहीं दी तो एचपीसीए मुश्किल में पड़ सकती है। एचपीसीए अभी उस मुकाम पर नहीं पहुंच पाई है जहां से वह अपने सारे खर्च निकाल सके। इन हालातों में एचपीसीए काफी हद तक बीसीसीआई से मिलने वाली सहायता राशि पर निर्भर करती है। बीसीसीआई से मिलने वाली राशि पर रोक लगने की स्थिति में एचपीसीए शायद ही अपनी गतिविधियों को सुचारू रूप से चला सके। यहां तो हालात यह भी नहीं हैं कि एचपीसीए अपना ग्राउंड अन्य आयोजनों के लिए किराए पर दे सके। एचपीसीए की आय का एकमात्र साधन यहां पर होने वाले टी-20 और एक दिवसीय मैच हैं। अभी तक एचपीसीए ने महज दो एक दिवसीय मैचों की मेजबानी की है तो आईपीएल के तीन सीजनों में एचपीसीए को कोई मैच नहीं मिल सका है।

  • anuragएचपीसीए काफी हद तक बीसीसीआई से मिलने वाली सहायता राशि पर निर्भर
  • बीसीसीआई से मिलने वाली राशि पर रोक से एचपीसीए को अपनी गतिविधियों को सुचारू रखना होगा मुश्किल
  • बिना धन के सुविधाओं को लगातार बनाए रखना होगा चुनौती

इन परिस्थितियों में बिना धन के इतनी सुविधाओं को लगातार बनाए रखना, यहां तक कि ग्राउंड को बनाए रखना भी एचपीसीए के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा। एचपीसीए के लिए यह दोहरी दुविधा का समय है क्योंकि बीसीसीआई लोढ़ा समिति की सिफारिशों को नकार रही है और बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ही हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) के भी अध्यक्ष हैं। लोढ़ा समिति की सिफारिश है कि एक व्यक्ति को एक ही पद होना चाहिए तो यदि यह सिफारिश मानी जाए तो अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई अध्यक्ष या फिर एचपीसीए अध्यक्ष में से कोई एक पद चुनना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना बीसीसीआई अध्यक्ष के नाते भले ही अनुराग ठाकुर सबसे पहले न करें, लेकिन एचपीसीए अध्यक्ष होने के नाते उन्हें कोई न कोई पहल जरूर करनी पड़ेगी।

  • scएचपीसीए अध्यक्ष होने के नाते अनुराग ठाकुर को करनी होगी कोई पहल
  • लोढ़ा समिति की सिफारिशें लागू नहीं करने पर दिए हैं आदेश

सनद रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बीसीसीआई को लोढ़ा समिति की सिफारिशों का लागू नहीं करने पर राज्य क्रिकेट संघों को पैसा नहीं देने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के आदेश बीसीसीआई के उस पक्ष के बाद आए हैं जिसमें बीसीसीआई ने कहा था कि राज्य क्रिकेट संघ भी लोढ़ा समिति की सिफारिशों को नामंजूर कर चुके हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे राज्यों के क्रिकेट संघों को बीसीसीआई किसी भी तरह धन उपलब्ध न करवाए। सर्वोच्च अदालत ने यह भी आदेश दिए हैं कि राज्य क्रिकेट संघों को बीसीसीआई से जो पैसा मिला है उसे भी वह तब तक खर्च नहीं कर सकते, जब तक कि वह लोढ़ा समिति की सिफारिशों को पूरी तरह लागू नहीं करते। इस बारे में एचपीसीए के जीएम कर्नल एचएस मिन्हास और एचपीसीए के प्रवक्ता संजय शर्मा का कहना है कि कोर्ट के आदेशों की प्रति प्राप्त होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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