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आसमानी आफतः आनी में सड़कें तबाह, सेब की फसल मटियामेट

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बारिश-ओलावृष्टि का कहर, बागवानों ने मुआवजे को लगाई गुहार

आनी। प्रदेश में आसमानी आफत का कहर जारी है। शुक्रवार दोपहर बाद भारी बारिश से आनी में करोड़ों का नुकसान हुआ है साथ ही ओलावृष्टि के चलते बागवानों की कमर टूट गई है। बारिश और ओलावृष्टि से कई जगह सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है तो कई जगह सेब की फसल तबाह हो गई है। बहरहाल, बागवानों ने क्षति से उभरने के लिए सरकार से उचित मुआवजे की मांग उठाई है।

गौर रहे कि शुक्रवार को आनी के विश्लाधार क्षेत्र में भारी बारिश से राणाबाग-सेरी सड़क को  तबाह हो गई। मार्ग में राणाबाग से करीब दो किमी आगे लोक निर्माण विभाग का डंगा बारिश की भेंट चढ़ गया, जिसके कारण सड़क मार्ग ठप हो जाने के कारण मुहान, विश्लाधार आदि पंचायतों की सड़क सुविधा प्रभावित हुई है और यहां से आनी की ओर जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र के ग्रामीण हरीश शर्मा, चमन ठाकुर, पप्पू, सत्या देवी, ओमी आदि का कहना है कि भारी बारिश के चलते गांव में निकल रहे संपर्क मार्ग का सारा मलबा बाढ़ में वह गया, यही नहीं  बाढ़ से यहां का मुख्य मार्ग भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

हालांकि सड़क से छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। ग्रामीणों ने लोनिवि से मार्ग को जल्द बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल करने की गुहार लगाई है। इस बारे लोनिवि उपमंडल आनी के एसडीओ पीडी कश्यप ने बताया कि बंद सड़क को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

निरमंड में ओलावृष्टि से भारी नुकसान

वहीं निरमंड के चायल पंचायत में शुक्रवार प्रातः करीब आधे घंटे तक हुई भारी ओलावृष्टि ने बागवानों की सेब की फसल को तबाह कर रख दिया है। यहां के सगोफा, जरोट, बसवारी, बड़ारी, दवाह, ठारला, कलौटी, कलौट आदि गांव में भारी ओलावृष्टि ने सेब की पूरी फसल को तबाह कर दिया है। ओलावृष्टि से सेब के पत्ते और टहनियों भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।

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