बहुत काम की है अर्जुन के पेड़ की छाल

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अर्जुन वृक्ष भारत में होने वाला एक औषधीय वृक्ष है। हिमालय की तराई, शुष्क पहाड़ी क्षेत्रों में नालों के किनारे तथा बिहार, मध्य प्रदेश में यह काफी पाया जाता है। अगर इस की छाल उतार दें तो वह फिर से उग आती है। जिसकी छाल को औषधि की तरह प्रयोग किया जाता है। इस पेड़ की छाल को धूप में सुखाकर पाउडर बनाया जाता है और उसके बाद इसके पाउडर का प्रयोग कई रोगों के उपचार में करते हैं। अर्जुन जाति के कम से कम पंद्रह प्रकार के वृक्ष भारत में पाए जाते हैं। होम्योपैथी में अर्जुन एक प्रचलित ख्याति प्राप्त औषधि है। हज़ारों वर्षों से आयुर्वेद में अर्जुन की पेड़ की छाल का एक विशेष स्थान रहा है।

अर्जुन के पेड़ की छाल के कई फायदे हैं ….

  • अर्जुन के पेड़ की छाल मोटापे से राहत पाने में सहायक है। इसकी छाल का काढ़ा बनाकर दिन में दो बार पीने से सिर्फ एक महीने में मोटापे में कमी आती है।
  • अर्जुन के पेड़ की छाल का प्रयोग उबटन बनाकर त्वचा पर किया जा सकता है। इस उबटन से त्वचा चमक जाती है और झुर्रियां भी दूर होती हैं। इसका उबटन बनाने के लिए अर्जुन की छाल, बादाम, हल्दी और कपूर को अच्छे से पीस कर मिला लें । इसके बाद इसे चेहरे पर लगायें और कुछ दिनों में बेहतरीन फर्क महसूस करें।

  • यह छाल बालों के लिए भी बहुत लाभदायक है। अर्जुन के पेड़ की छाल को आप पीसकर, मेहंदी में मिलाकर बालों पर लगा सकते हैं। इससे बाल जल्दी बढ़ते हैं और असमय सफ़ेद भी नहीं होते।
  • अर्जुन के पेड़ की छाल और जामुन के बीजों को पीस कर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण का रोज सोते समय गुनगुने पानी के साथ सेवन करें। इस उपाय से मधुमेह के रोगियों को फायदा होता है।

  • अर्जुन के पेड़ की छाल हाई ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करती है और साथ ही कोलेस्ट्रॉल को भी कम करती है। छाल के चूर्ण का एक चम्मच 2 गिलास पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक इसकी मात्रा आधी न रह जाये और उसके बाद उसे ठंडा कर लें।
  • दिन में दो बार इसका एक गिलास पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। इस छाल की चाय बना कर पीने से भी ब्लडप्रेशर भी नियंत्रित करता है।

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