- Advertisement -

Budget Session: Asha की खरी-खरीः बोलीं, Budget पर हो रही अहम चर्चा, CM और CS ही गैर हाजिर

0

- Advertisement -

लोकिन्दर बेक्टा, शिमला। कांग्रेस सदस्य आशा कुमारी ने आज सदन में बीजेपी सरकार को खरी-खरी सुनाई। उन्होंने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकार गैर जिम्मेदार सरकार है। क्योंकि बजट पर अहम चर्चा हो रही है और इस दौरान सदन में न सीएम जयराम ठाकुर हैं और न ही सरकार के मुख्य सचिव (सीएस) यहां है।

सदन में वित्त सचिव और अन्य अहम अधिकारी भी नहीं है। इसके अलावा सदन में केवल एक ही मंत्री मौजूद हैं। इससे स्पष्ट है कि बीजेपी की यह नॉन सीरियस गवर्नमेंट है। उन्होंने कहा कि सदन में यदि किशन कपूर न होते तो सदन स्थगित करना पड़ता। इस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने शोर-शराबा करना शुरू किया और विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने उन्हें शांत रहने को कहा।

बजट चर्चा में हिस्सा लेते हुए आशा कुमारी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने माइनिंग पालिसी लाई थी। इसमें आक्शन का प्रावधान किया गया था। उनका कहना था कि इससे राजस्व को बढ़ाया जा सकता है। उनका कहना था कि माइनिंग करने वाला हर व्यक्ति गलत नहीं होता। जो वैध तरीके से हो रही है वह सही माइनिंग है। उन्होंने कहा कि राज्य में जहां भी अवैध खनन हो रहा है, उस पर सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए।

पंजाब में बादल तो बरसते ही थे, अब हिमाचल में भी बरसने लगे

आशा कुमारी ने कहा कि पहले पंजाब में बादल तो बरसते ही थे, अब हिमाचल में भी बरसने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बस परमिट सरकार व्यक्ति को देती है, लेकिन ये आगे बिक रहे हैं, जबकि इसका कोई प्रावधान ही नहीं है। यह बहुत बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि पंजाब में सत्ता से बाहर हुए बादल परिवार के लोग परेशान हैं और वे हिमाचल में परिवहन में घुसपैठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बादल की घटना अभी घटी है और इसकी चर्चा की जानी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसे रोकना होगा। उनका कहना था कि बादल ने पंजाब में परिवहन व्यवस्था को खराब किया है और अब वे यहां भी घुसपैठ कर रहे हैं।

इस बजट में न कोई दृष्टि है न ही कोई नीति

आशा कुमारी ने कहा कि 1300 करोड़ रुपये का बागवानी की लिए बागवानी विकास मिशन कांग्रेस सरकार के समय में आया है और इस पर सरकार को बोलना चाहिए। इसी कड़ी में जो 100 करोड़ रुपये आया है, उसे कहां खर्च किया जाएगा, इसके बारे में बताया जाए। कांग्रेस नेता आशा कुमारी ने कहा कि इस बजट में न कोई दृष्टि है न ही कोई नीति। उन्होंने कहा कि बजट में बेरोजगारी से निपटने का कोई जिक्र नहीं है और न ही रोजगार देने का कोई उल्लेख किया है।

उन्होंने कहा कि बजट नें कोई नयापन नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कहना कि पिछली सरकार ने कुछ नहीं किया है, यह तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि नई सरकार ने जो दो माह में किया है, उसी पर वे चर्चा कर रही हैं। आशा कुमारी ने कहा कि नौकरशाही को भी शेरो-शायरी लिखने का शौक पैदा हो गया है। उन्होंने पूर्व सीएम प्रेमकुमार धूमल का नाम लेते हुए कहा कि नौकरीशाही को जिस नेता से शेरो-शायरी का शौक पड़ा, आज वह सदन में नहीं है, लेकिन वित्त विभाग ने तो अब शेरो-शायरी को बजट का ही पार्ट बना दिया है।

- Advertisement -

Leave A Reply