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स्वच्छता का संदेशः पांवटा को चकाचक करने निकले स्वयंसेवी और अधिकारी

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गोंदपुर में एनएच किनारे चले सफाई अभियान, लोगों को दिया जागरूकता संदेश

पांवटा साहिब। स्वच्छता का संदेश देने और गंदगी हटाने के लिए पांवटा में सफाई अभियान शुरू हो गया। कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, स्थानीय पर्यावरण व वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। इस दौरान पांवटा के गोंदपुर में औद्योगिक क्षेत्र के समीप एनएच पर सफाई की गई। कार्यक्रम में भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के निदेशक अरविंद नौटियाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने वॉलिंटरों सहित क्षेत्र के लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने एक निजी दवा उद्योग में लगे कूडा संयंत्र का भी निरीक्षण किया। गौर रहे कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश भर में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चल रहे हैं। पांवटा के गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में भी स्वच्छता अभियान का आयोजन हुआ। इस दौरान पांवटा से शिलाई एनएच पर गोंदपुर के किनारे सफाई अभियान चलाया गया। इसमें स्कूली बच्चों, उद्यमियों व वन विभाग कर्मियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

कूड़ा संयंत्र लगाने के लिए वन भूमि कर किया जाएगा उपयोग

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निदेशक पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार अरविंद नौटियाल ने शुभारंभ किया। अरविंद नोटियाल ने आसपास के लोगों को स्वच्छता का संदेश देते हुए देश भर में अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए हर स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया सरकार सफाई और कूड़े के निस्तारण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और इसके लिए वन विभाग की खाली पड़ी भूमि के उपयोग की भी इजाजत दी जाती है। उन्होंने कहा कि पांवटा में कूड़ा संयंत्र लगाने के लिए भी वन विभाग की भूमि का उपयोग किया जा सकता है। जिसके लिए ये जगह चिन्हित किए जाने पर अपने मंत्रालय से इस बाबत पूरी मदद प्रदान करेंगे। नौटियाल ने बताया कि संयंत्र लगाने में जहां केंद्र सरकार सबसिडी दे रही है, वहीं अच्छे इंवेस्टर्स भी मिल सकते हैं।

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इस अवसर पर क्लीन पांवटा ग्रीन पांवटा के कन्वीनर राजेन्द्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि उनकी संस्था पिछले कई साल से जागरूकता के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पांवटा में स्वच्छा के क्षेत्र में बेहद सकारात्मक बदलाव आए हैं। यहां लोग गलियों और सड़कों के किनारे कूड़ा डालने की बजाय डस्टबीन में कूड़ा डालते हैं। उन्होंने मांग की कि शहर में अंडरग्राऊंड डस्टबीन लगाए जाने के बाद अब जल्द कूडा संयंत्र भी स्थापित किया जाए। इसके साथ ही पिछले कई वर्षों से पांवटा में डंपिंग साइट को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए अब आस-पास की वन्यभूमि पर कूड़ा संयंत्र लगाने पर विचार किया जा सकता है।

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