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कांग्रेसियों का पहले ही दिन Vidhansabha में हंगामा, धारा 118 पर किया Walkout

Congress Walkout from Vidhansabha over Section 118 shimla

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Congress Walkout from Vidhansabha : लेखराज/ लोकिंद्र/ शिमला। हिमाचल प्रदेश भूमि सुधार कानून की धारा 118 के सरलीकरण के सीएम जयराम ठाकुर के बयान से भड़के विपक्षी कांग्रेस ने आज सदन से वॉकऑउट किया। विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन शोकोद्गार के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने सदन में मामला उठाया कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को धारा 118 में संशोधन को लेकर सीएम द्वारा दिए गए बयान को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया है।अग्निहोत्री ने कहा कि यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है और हिमाचल की जनता से जुड़ा है। इससे किसी भी कीमत पर छेड़छाड़ को सहन नहीं किया जाएगा। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि उन्हें आज सुबह स्थगन प्रस्ताव मिला है और उसे उन्होंने जवाब लेने को सरकार को भेजा है, लेकिन तभी मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव दिया है और इस पर सारा कार्य रोककर इस पर चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को दो माह ही बने हुए हैं और उसने इस धारा पर हाथ डाला है और खुद सीएम ने इस संबंध में बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी कीमत पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। अग्निहोत्री ने कहा कि क्या राज्य की जनता ने बीजेपी को जनादेश जमीन को दूसरे राज्यों के लोगों को बेचने के लिए दिया है। उन्होंने कहा कि इस धारा में संशोधन करने के लिए सीएम को किसने प्रेरित किया।

विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर की नारेबाजी

इस बीच, सदन में शोरशराबा होने लगा और विपक्षी सदस्यों ने अपनी सीटों पर खड़े होकर नारेबाजी शुरू कर दी और इस शोरगुल के बीच सत्ता पक्ष के सदस्य भी शोर करने लगे। इस बीच, अध्यक्ष ने कार्यवाही रिकार्ड न करने फरमान दिया। इसके बाद सदन में दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी और सरकार के कुछ मंत्रियों ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा संभाला और उनके आरोपों का जवाब देने लगे, लेकिन शोरगुल के बीच कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था। उधर, अध्यक्ष ने सभी सद्स्यों को शांत करने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर खड़े रहे और शोर शराबा करने लगे। कुछ देर शोर शराबा होने के बाद मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि वे इस मामले पर सदन से वाकआउट करते हैं। उधर, डॉ. बिंदल ने कहा कि जो स्थगन प्रस्ताव दिया है वह उस सूरत में ही मान्य हो सकता है जब ऐसी कोई गंभीर स्थिति पैदा हुई हो और सरकार के गलत फैसले की आलोचना हो रही हो। लेकिन इस मामले में अभी तक कुछ नहीं हुआ है। न ही इसमें कोई फैसला हुआ है और न ही कोई संशोधन हुआ है। ऐसे में विपक्षी कांग्रेस का यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जा सकता।

जयराम बोले, जो मुद्दा ही नहीं है, उस मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है

विपक्षी सदस्यों के सदन से जाने के बाद सदन के नेता सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि जो घाव दो-ढाई माह पहले कांग्रेस को मिला है, उससे वे उभर नहीं पाए हैं और सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि नियम 67 के तहत जो विषय चर्चा के लिए लाया, उसका कोई औचित्य ही नहीं है, क्योंकि धारा 118 में कुछ भी नहीं किया गया है और न ही किसी संशोधन की बात है। यदि किया होता तो इस प्रस्ताव की बात समझ में आती, लेकिन जब कुछ हुआ ही नहीं तो कैसा स्थगन प्रस्ताव। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार के लिए हिमाचल के लोगों के हित सर्वोपरि हैं और उन्होंने न एक्ट में संशोधन और न ही इसमें किसी प्रकार का परिवर्तन करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि बात चर्चा में आई कि इस धारा में सरलीकरण की क्या जरूरत है और इसके लिए लोगों से सुझाव मांगे हैं। साथ ही कहा कि उन्हें इस बारे में नहीं पता कि क्या वास्तव में संशोधन की जरूरत है या नहीं, उन्होंने कहा कि जो मुद्दा ही नहीं है, उस मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा है और निंदनीय है और इससे राजनीति का स्तर गिरेगा। सीएम ने कहा कि इस धारा में कांग्रेस के कार्यकाल में कई बार संशोधन हुआ है। उनका कहना था कि सरकार के लिए हिमाचल के लिए लोगों के हित सर्वेपरि हैं। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि वे सदन की गरिमा को बनाए रखें, लेकिन जो आज हुआ है, उससे ठेस पहुंची है। उन्होंने विपक्ष के व्यवहार को अशोभनीय करार देते हुए कहा कि उनके विपक्षी मित्र को अभी नई-नई जिम्मेदारी मिली है और उन्हें उसे जिम्मेदारी से निभाना चाहिए। उनका कहना था कि सरकार बदले की भावना से कोई काम नहीं करेगी, लेकिन यदि विपक्ष का रवैया ऐसा रहा तो वे भी मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जो किया नहीं, जो सोचा नहीं, उस पर मामला दर्ज किया जा रहा है। सीएम ने विपक्ष से कहा कि वे विधानसभा के परिणाम देखकर समझ जाएं, नहीं तो जनता आने वाले लोकसभा चुनाव में दोबारा समझा देगी। उन्होंने विपक्ष के सदन से वाकआउट की निंदा की।

बिना बात के सदन में हो-हल्ला करना सही नहींः भारद्वाज

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने भी धारा 118 का मामला उठाने और उस पर सदन से वाकआउट करने पर विपक्षी कांग्रेस की निंदा की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास आज कोई मुद्दा नहीं है और वे गैर मुद्दे को मुद्दा बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि विपक्ष में बिना बात के सदन में हो-हल्ला करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस धारा में कांग्रेस ने ही कई बार संशोधन किया है। जहां तक इस मामले की बात है, इसमें अभी न तो कोई निर्णय लिया गया है और न ही कोई बात हुई है। ऐसे में बिना कारण हो हल्ला करना सरासर गलत है।

सीएम इस बारे में अपनी सारी स्थिति को स्पष्टः सिंधा

माकपा सदस्य राकेश सिंघा ने कहा कि सीएम द्वारा इस मामले में बात करने से लोगों में आशंका पैदा हुई है कि इसमें संशोधन होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे में सीएम इस बारे में अपनी सारी स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए।  सरकार को विवादित मुद्दों पर सभी से बात करनी चाहिए, ताकि कोई विवाद न हो। उनका कहना था कि पूर्व में भी इस धारा का दुरूपयोग हुआ है और जेपी कंपनी ने कई सौ बीघा जमीन पर अपना कब्जा जमा रखा है। सिंघा ने कहा कि निवेश के नाम पर इसमें कोई संशोधन नहीं होना चाहिए। ऐसे में यदि सीएम इस मामले में अपनी बात रखें तो बेहतर होगा।

 

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