- Advertisement -

Condom की बजाय अबॉर्शन-इमरजेंसी पिल्स का बढ़ा क्रेज

स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

0

- Advertisement -

नई दिल्ली। इन दिनों देश में टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) में कमी आने के साथ ही परिवार नियोजन के साधनों का प्रयोग में भी कमी आनी शुरु हो गई है। हाल में प्रकाशित स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा करते हुए बताया गया कि, बीते 8 सालों में देश में कॉन्डम के इस्तेमाल में करीब 52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दूसरी तरफ नसबंदी कराने में भी 75 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई हैं। इसके साथ सामान्य गर्भनिरोधक गोलियों के इस्तेमाल में भी करीब 30 प्रतिशत तक की कमी आई है। मंत्रालय द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट को 2008 से 2016 तक के बीच कराए गए सर्वे के आधार पर बनाया गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा प्रकाशित की गई इस रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि देश के ज्यादातर कपल्स अब परिवार नियोजन के लिए अबॉर्शन और इमरजेंसी पिल्सका ज्यादा प्रयोग करने लगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगर हर तरह के कॉन्ट्रासेप्टिव्स के बारे में बात करें तो इनके इस्तेमाल में कुल 35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं अगर कॉन्डम की बात करें तो केरल जैसे सबसे ज्यादा साक्षरता दर वाले राज्य में इसके इस्तेमाल में 42 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। हलांकि इसके उलट बिहार में इसका प्रयोग करने वालों की संख्या पिछले 8 सालों में 4 गुना बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। बता दें कि बिहार में गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल भी बढ़ा है।

- Advertisement -

%d bloggers like this: