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हंगामा करने वाले सांसदों की काटी जाए Salary

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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और कांगड़ा चंबा संसदीय क्षेत्र से वर्तमान लोकसभा सदस्य शांता कुमार ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से लोकसभा में हंगामा करने वाले सांसदों के वेतन में कटौती करने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है लोकसभा का वर्तमान सत्र गत 16 नवंबर से प्रारंभ हुआ था लेकिन, विपक्ष के व्यवधान के कारण लोकसभा की कार्यवाही में निरंतर व्यवधान डाला जा रहा है, जिसके कारण लोकसभा बार-बार स्थगित की जाती है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को बुधवार को प्रेषित एक पत्र में शांता कुमार ने कहा है कि पूरा देश लाखों लोगों के प्रतिनिधि सांसदों के इस व्यवहार को देखकर चिंतित है।

  • शांता कुमार ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र
  • bjp-symbolसांसदों के व्यवहार से चिंतित है पूरा देश
  • लोकसभा में देखने को मिल रही गली-मुहल्ले की नारेबाजी
  • कुछ विपक्षी दलों ने पार की सभी सीमाएं

कई बार दर्शक दीर्घा में बैठे स्कूल व कॉलेज के छात्र हमारी ओर देख कर मुस्कराते हैं। हम नई पीढ़ी के सामने क्या आदर्श स्थापित कर रहे हैं यह एक सोचने वाली बात है। अपनी हठधर्मिता के कारण अनायास ही हम उपहास का पात्र बनते जा रहे हैं।

शांता कुमार ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष के बाद देश की राजनीति को और अधिक गंभीर, शालीन, अनुशासित और परिपक्व होना चाहिए था। इसके विपरीत सार्वजनिक जीवन का निरंतर अवमूल्यन होता जा रहा है। परिणामतया नेता शब्द अब आदर का सूचक नहीं रहा। शांता कुमार ने कहा कि कुछ विपक्षी दलों ने अब सभी सीमाओं को पार कर लिया है। गली मुहल्ले की नारेबाजी के दृश्य लोकसभा में निरंतर देखने को मिल रहे है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के बार-बार निर्देश के बाद भी किसी प्रकार से सदन में शांति स्थापित नहीं होती।  यह सब देख कर देश के करोड़ों लोग पीड़ा , वेदना और लज्जा का अनुभव कर रहे हैं। गौरतलब है कि शांता कुमार किसी भी विषय पर अपने बेबाक ब्यानों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।

मामला चाहे विरोधियों से जुड़ा हो या फिर अपनी ही पार्टी का, शांता कुमार का गलती मापने का पैमाना सभी के लिए एक समान होता है। कई बार उनके दिए गए ब्यानों से बबाल खड़ा हो जाता है और वह अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा करने से नहीं हिचकते हैं। संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने वाले नेताओं के वेतन में कटौती करने की बात इससे पहले भी शांता कुमार कई बार कह चुके हैं, जिसपर किसी भी सरकार के कार्यकाल में अमल नहीं हुआ। अब देखना यह है कि वरिष्ठ नेता और सांसद की सलाह पर लोकसभा अध्यक्ष क्या निर्णय लेती हैं।

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1 Comment
  1. shaila thakur says

    क्या बात है शांता जी!

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