- Advertisement -

Dalai Lama ने India के भेदभाव वाले Caste System की निंदा की, बोले बंद होना चाहिए यह सब

Foreign Tourists से Interaction के दौरान कुछ सवालों के दिए जवाब, 68 देशों से 1000 विदेशी उपस्थित हुए

0

- Advertisement -

Dalai Lama condemned caste system : Mcleodganj : Tibetan Spiritual Leader Dalai Lama ने भारत की हजारों साल पुरानी Secular Nature की प्रशंसा की जो सभी Religious Traditions का सम्मान करती हैं,पर उन्होंने India में Discriminating Caste System की निंदा की और कहा कि यह बंद होना चाहिए। Tibetan Spiritual Leader ने कहा कि 21 वीं सदी में हमें 20 वीं शताब्दी की गलतियों को दोहराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने बारे में सोचते हैं, तो दुनिया बहुत अकेला हो जाएगी उदाहरण के लिएए अगर मैं खुद को Dalai Lama और बाकी के रूप में समझता हूं, तो मैं बहुत अकेला हो जाउंगा। हमें बच्चों के बारे में सोचना चाहिए कि वह मानवता की एकता को समझने के लिए एक.दूसरे के बीच कैसे व्यवहार करें।

Dalai Lama condemned caste system Dalai Lama ने आज Mcleodganj स्थित मुख्य बौद्व मंदिर में विदेशी पर्यटकों से मुलाकात के दौरान,कुछ सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान आस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तर-दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका सहित करीब 68 देशों से 1000 विदेशी उपस्थित थे। आंतरिक शांति के बारे में बोलते हुए, Dalai Lama ने कहा कि Inner Peace आत्मविश्वास का आधार है और बच्चों को स्वयं केंद्रित दृष्टिकोण के बजाए स्कूलों में धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण के माध्यम से आंतरिक मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों के बारे में सिखाया जाना चाहिए।

Dalai Lama ने आगे धार्मिक सद्भाव के बारे में बात की और भारत की बहुसांस्कृतिक परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की प्रमुख धार्मिक परंपराओं का घर है और गैर विश्वासियों का सम्मान करता है, यह सचमुच अद्भुत और गर्व की बात है। Dalai Lama ने Tibetan language के महत्व पर जोर दिया और कहा कि Tibetan language ही एकमात्र ऐसी भाषा है जिसने भारत के प्राचीन ज्ञान को संरक्षित किया है, नालंदा का समृद्ध प्राचीन ज्ञान अब दुनिया से खो गया है। हालांकि, तिब्बती अनुवादकों के प्रयासों के कारण, यह ज्ञान अब तिब्बती भाषा में ही उपलब्ध है इसलिए Tibetan language का संरक्षण और अध्ययन ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है।

- Advertisement -

%d bloggers like this: