Trump ने यरुशलम को घोषित किया इजरायल की राजधानी, UNO ने बुलाई विशेष बैठक

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वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चेतावनियों को दरकिनार कर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता दे दी है। उन्होंने दशकों पुरानी अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय नीति को तोड़कर ऐसा किया। इस कदम से जहां इजरायल खुश है, वहीं अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में चिंता है। वे इसे पश्चिम एशिया में हिंसा भड़काने वाला कदम मानते हैं। यह कदम पूर्व अमेरिकी प्रशासनों की कोशिशों के विपरीत भी माना जा रहा है जो कि इस कदम को अशांति के डर से अब तक रोके हुए थे। डॉनल्ड ट्रंप ने इसे शांति के लिए उठाया गया कदम बताया है जो वर्षों से रुका हुआ था। ट्रंप ने कहा, ‘पूर्व राष्ट्रपतियों ने इस बारे में अभियान चलाया, लेकिन इस वादे को पूरा करने में असफल रहे। आज मैं इस वादे को पूरा कर रहा हूं’। ट्रंप ने अमेरिकी प्रशासन को इस बारे में निर्देश देते हुए कहा कि इजरायल के तेल अवीव स्थित अमेरिकी दूतावास यरूशलम ले जाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। यरूशलम इस्लाम और ईसाईयों की श्रद्धा का केंद्र है, साथ ही यह इजरायल और अरब के बीच विवाद का भी केंद्र है। बता दें कि फिलिस्तीन पूर्वी यरूशलम को अपनी राजधानी मानता है, जहां अल अक्सा मस्जिद स्थित है।

सुरक्षा परिषद के आठ सदस्यों ने उठाई मांग

डॉनल्ड ट्रंप के इस फैसले के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई है। सुरक्षा परिषद के 15 में से कम से कम आठ सदस्यों ने वैश्विक निकाय से एक विशेष बैठक की बुलाने मांग की है। बैठक की मांग करने वाले देशों में दो स्थायी सदस्य ब्रिटेन और फ्रांस तथा बोलीविया, मिस्र, इटली, सेनेगल, स्वीडन, ब्रिटेन और उरुग्वे जैसे अस्थायी सदस्य शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस के शुक्रवार को सुरक्षा परिषद को संबोधित करने की संभावना है। इससे पहले गुतारेस ने कहा था कि यरुशलम की स्थिति को लेकर अंतिम मान्यता दी जा चुकी है और इस मुद्दे का प्रत्यक्ष तौर पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।

अलकायदा-IS ने दी अमेरिका पर हमले की धमकी

तेल अवीव स्थित अमेरिकी एंबेसी को येरूशलम ले जाने की अमेरिकी घोषणा के बाद अलकायदा और इस्लामिक स्टेट ने अमेरिका पर हमले की धमकी दी है। आशंका इस बात है कि ट्रंप की घोषणा के बाद इस्लामिक चरमपंथियों और जेहादियों को दुनिया भर में अभियान छेड़ने का मौका मिल जाएगा। ऐसे में अलकायदा और आईएस की धमकी इस आशंका को बल देती है। आतंक पर निगाह रखने वाली अमेरिका एजेंसी SITE इंटेल ग्रुप की निदेशक रीता काट्ज ने अपने ट्विटर अकाउंट से इस धमकी को पोस्ट किया है। उन्होंने कहा, ‘तेल अवीव स्थित अमेरिकी एंबेसी को यरूशलम ले जाने की अमेरिकी घोषणा को आतंकी समूह भुनाने की फिराक में हैं।’ काट्ज ने चेताते हुए कहा कि दुनिया को इस मुद्दे पर आतंकियों की ओर से एक लंबे अभियान के लिए तैयार रहना चाहिए।

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