दिन के स्वप्न भी होते हैं सच

सपने सिर्फ रात में नहीं दिखते, दिन में भी दिखाई देते हैं। ऐसे स्वप्नों को दिवास्वप्न कहते हैं। दिन में दिखाई देने वाले सपनों की एक खासियत है कि ये कभी-कभी एकदम सच हो जाते हैं।

एक घटना लंदन की है। एक युवक घर से पांच मील दूर सप्ताहिक छुट्टियां बिताने गया था। उसी दौरान एक दिन उसने स्वप्न देखा, कि उसके घर और कारखाने में आग लग गई है। आधी नींद में ही वह उठ कर गाड़ी लेकर घर की ओर चल पड़ा। उसकी मां तथा अन्य लोगों ने इस स्वप्न को अर्थहीन बता कर उसे रोकना चाहा, पर वह नहीं रुका। घर पहुंच कर उसने अपना सपना सच पाया। उसका मोटर गैराज पूरी तरह जल कर राख हो चुका था और आग की लपटें उसके घर की ओर बढ़ रही थीं। पड़ोसियों की सहायता से बड़ी मुश्किल से उसने अपने घर को जलने से बचाया।

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