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गुटबाजीः दो धड़ों में बंटे कर्मचारी, एक ही हाल में चुने दो जिलाध्यक्ष

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मंडी। कर्मचारी संगठनों में पद पाने को लेकर गुटबाजी कितनी हावी हो रही है, इसका जीता जागता उदाहरण आज मंडी में देखने को मिला। यहां एक ही गुट के कर्मचारी नेताओं में जब आपसी सहमति नहीं बनी तो दोनों ने एक ही हॉल में अलग-अगल चुनाव करवा कर अपनी-अपनी कार्यकारिणी का चयन कर लिया। विनोद कुमार समर्थित कर्मचारी गुट द्वारा बनाई गई तदर्थ कमेटी ने मंडी जिला की कार्यकारिणी के चुनाव विश्वकर्मा मंदिर में करवाने की योजना बनाई थी। इन चुनावों में अश्वनी ठाकुर भी पहुंचे। अश्वनी ठाकुर गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष हैं और हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष पद के दावेदार भी हैं। अश्वनी ठाकुर को यहां पहुंचने पर लगा कि उन्हें और उनके समर्थकों को उचित मान सम्मान नहीं दिया जा रहा है। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

घंटों तक खूब हुआ हो हल्ला, पुलिस ने शांत करवाया मामला

विवाद यहां तक बढ़ गया कि हॉल की बिजली का फ्यूज निकालकर काट दिया गया। खुद को सीएम का समर्थक बताने के लिए सीएम के नाम के नारे लगाए गए। साथ ही अपने समर्थन में भी जमकर नारेबाजी की गई। बाद में पुलिस पहुंची तो मामले को शांत करवाया। मामला शांत होने के बाद विनोद कुमार के समर्थकों ने अपनी कार्यकारिणी अलग से चुनी और अश्वनी ठाकुर के समर्थकों ने अलग से। विनोद गुट ने रूप लाल को तो अश्वनी गुट ने चमन लाल को जिले का प्रधान चुना। विनोद कुमार ने पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ कर्मचारी नेता बनने की चाह में राह से भटक रहे हैं और इसी कारण यह विवाद उपजा है। उन्होंने सीएम के नाम का इस्तेमाल करके लगाए गए नारों पर नाराजगी जताई और इसकी शिकायत सीएम से लिखित तौर पर करने की बात भी कही।

एक-दूसरे पर लगाए आरोप

अश्वनी ठाकुर ने आरोप लगाया कि विनोद कुमार का गुट कर्मचारियों को बांटने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ रिटायरी लोग कर्मचारी महासंघ बनाकर कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं और जिस भी जिले में जाकर चुनाव करवा रहे हैं वहां कर्मचारियों को बांटते जा रहे हैं और इसी का उदाहरण आज मंडी में देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब समझ गए हैं कि कौन किसके साथ है। बता दें कि पहले ही हिमाचल प्रदेश में कर्मचारी नेता की सरदारी को लेकर दो गुटों में खिंचतान चली हुई थी, अब एक और गुट इसमें शामिल हो गया है। सुरेंद्र ठाकुर और विनोद गुट के साथ साथ अब अश्वनी ठाकुर गुट भी अध्यक्ष पद की रेस में खुलकर सामने आ गया है। उल्लेखनीय है कि अभी हिमाचल प्रदेश में कर्मचारी नेताओं का नया सरदार चुना जाना है और उससे पहले कर्मचारी नेताओं की आपसी कलह खुलकर सामने आ रही है।

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