- Advertisement -

पूर्व में कर्मचारी परिसंघ के नेता की NR गुट को चुनौती, तदर्थ Committee बनाई

विनोद कुमार ने तदर्थ कमेटी अध्यक्ष के रूप में महासंघ की चुनावी अधिसूचना जारी की

0

- Advertisement -

मंडी। Govt बदलते ही Employee Federation में गुटबाजी भी मुखर हो गई है। पूर्व सरकार के समय प्रताड़ित रहे सुरेंद्र और एनआर ठाकुर गुट ने Jai Ram Govt के बनते ही महासंघ के राज्य कार्यालय पर कब्जा जमाकर अब चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, दूसरी ओर पूर्व में कर्मचारी परिसंघ के नेता रहे विनोद कुमार ने बतौर तदर्थ कमेटी अध्यक्ष के रूप में महासंघ की चुनावी अधिसूचना जारी कर एनआर गुट को चुनौती दे डाली है। रविवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए विनोद कुमार ने कहा कि 11 फरवरी को बिलासपुर में सभी जिला के कर्मचारी नेताओं की मौजूदगी में तदर्थ कमेटी का गठन कर उन्हें अध्यक्ष बनाया गया। वहीं पर सभी बारह जिलों के संयोजक नियुक्त किए गए, जिसमें तय किया गया कि ब्लॉक से राज्य स्तर तक लोकतांत्रिक तरीके से महासंघ के चुनाव करवाए जाएं।

महासंघ कार्यालय पर किए गए कब्जे को भी बहाल करने की मांग

वहीं, अवैध रूप से महासंघ कार्यालय पर किए गए कब्जे को भी बहाल किया जाए। विनोद कुमार ने कहा कि मंडी जिला कार्यालय पर भी जबरन कब्जा किया गया। जबकि मंडी की 18 में से अधिकांश ब्लॉक यूनिटों का गठन ही नहीं हो पाया है। ऐसी ही स्थिति प्रदेश के अन्य ब्लॉकों में भी है। जबकि प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारियों को महासंघ की सदस्यता के बारे में भी पता नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग समांतर चुनाव करवाने की फिराक में हैं। वे तदर्थ समिति के साथ आएं और कर्मचारियों के हितों की रक्षा में अपना योगदान दें। अगर कर्मचारी उन्हें अपना नेता चुनना चाहते हैं तो वो भी लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे गुट द्वारा कर्मचारियों को डराने धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर वे बाज नहीं आए तो इसकी शिकायत लिखित और मौखिक रूप से सरकार से की जाएगी।

ब्लॉक स्तर पर चुनाव प्रक्रिया शुरू, जिला और फिर राज्य ईकाई के चुनाव होंगे

विनोद कुमार ने कहा कि हर जिला में ब्लॉक स्तर पर चुनाव प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके पश्चात जिला और फिर राज्य ईकाई के चुनाव किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में समांतर चुनाव करवाने वाले भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ईकाई के चुनाव के लिए राज्य सरकार अपना पर्यवेक्षक भेजे और चुनाव में कौन भारी पड़ता इसका पता चल जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पूर्व में मजदूरों के नाम पर राजनीति करते रहे और औद्योगिक क्षेत्रों में चंदा इकट्ठा करते रहे हैं। अब वे लोग महासंघ पर कब्जा किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक धूरियां भी बदल गई हैं और कर्मचारी हित पीछे छूट गए हैं, जबकि महासंघ में स्वार्थ की राजनीति हावी होने लगी है। इस अवसर पर मंडी के संयोजक रूप लाल, अश्वनी शर्मा, शिमला से हरी सिंह, अनिल शर्मा, कर्म सिंह, राजकुमार, बस्सी राम, नंद लाल, हेमराज, सोहन लाल, अशोक कुमार, देवेंद्र व हेमराज शर्मा आदि भी मौजूद थे।

- Advertisement -

%d bloggers like this: