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जानलेवा हो सकता है खाने में ज्यादा नमक 

सोडियम में शामिल कई तत्व शरीर के लिए नुकसानदेह 

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खाने में नमक कितना होना चाहिए वैसे तो यह व्यक्ति की अपनी पसंद पर निर्भर करता है पर अधिक मात्रा में सोडियम का सेवन खतरनाक हो सकता है। इससे दिल की बीमारियां हो सकती है और असमय मौत का खतरा भी बढ़ सकता है। अमूमन नमक कभी भी आपके स्वास्थ्य को खतरा नहीं पहुंचा सकता अगर आप आवश्यकता से अधिक सेवन न करें तो। एक नए अध्ययन के दौरान  18 देशों के 95,700 लोगों का डाटा इकट्ठा किया गया,  इसमें भारत भी शामिल था । इससे पता चला कि  ज्यादातर हाई ब्लडप्रेशर की शिकायत उन लोगों को थी जो प्रति दिन 5 ग्राम सोडियम से ज्यादा ले रहे थे । पांच ग्राम सोडियम का मतलब है 12.5 ग्राम नमक जो प्रति दिन नमक के आहार सेवन से 2.5 गुना अधिक है। सोडियम में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो ज्यादा होने से शरीर के लिए नुकसानदेह होते हैं। हाईब्लडप्रेशर, स्ट्रोक, कंजेस्टिव हार्ट फेल्योर होने तथा किडनी की बीमारी के अलावा लिवर को भी इससे क्षति पहुंच सकती है। हालांकि ऐसी शिकायतें चीन में ज्यादा मिली हैं क्योंकि अधिकतर वे लोग अपने प्रतिदिन के भोजन में सोया सॉस इस्तेमाल करते हैं जिसमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है।

 

भारत में भी आंकड़े संतोषजनक नहीं

भारत में अमूमन10.98 ग्राम नमक प्रतिदिन खाया जाता है, जिसका सोडियम निर्धारित मात्रा से कहीं ज्यादा है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि ज्यादा नमक खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। और स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से नमक कम खाना चाहिए। एक अध्ययन में 170,000 लोगों पर रिसर्च के बाद पता चला कि प्रतिदिन पांच ग्राम से भी कम खानेवाले लोगों में 23 प्रतिशत तक स्ट्रोक से बचे और 17 प्रतिशत की दिल की बीमारियों से रक्षा हो गई । इससे स्पष्ट है कि 5 ग्रामसे भी कम नमक खाने से लगभग 3 मिलियन दिल के मरीजों को बचाया जा सकता है और 1.25 मिलियन लोगों की स्ट्रोक से रक्षा हो सकती है।

अनदेखे स्रोतों से ज्यादा नमक खा लेते हैं हम

वे लोग जो पैक्ड फूड पसंद करते हैं  उन्हें फिलहाल इससे बचने की जरूरत है। क्योंकि इसकी प्रोसेसिंग में ही नमक का ज्यादा प्रयोग किया जाता है। यह मध्यवर्गीय परिवारों की पसंद है और इस तरह वे अनदेखे स्रोतों से ज्यादा नमक खा लेते हैं। चाहे ब्रेड ,कुकीज ,चीज हो या चिप्स और नमकीन। हालांकि इनके पैक पर सोडियम की मात्रा तो दर्ज होती है पर उसमें नमक की मात्रा नहीं लिखी होती। एक पैकेज्ड फूड पर भले ही लो साल्ट लिखा हो ,पर उसमें सोडियम की मात्रा होगी।  आईटीसी, नेस्ले इंडिया, ब्रिटानिया ,पतंजलि, हल्दीराम, बीकानो, बेकफील्ड और फील्ड फ्रेश फूड का कहना है कि भारतीय मानक के अनुसार 2020 तक  वे स्वेच्छा से अपने प्रोडक्ट्स में नमक ,चीनी और फैट कम कर देंगे। बेहतर तो यही होगा कि हम अपने भोजन में कम नमक का प्रयोग करें तो अपने आप बीमारियों से बचे रहेंगे।
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