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पानी के लिए दबंगों से मछुआरों की जंग, ऐसे बचाया नया तालाब

Fishermen fight for water to save pond

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छतरपुर। गर्मी का मौसम है और ऐसे समय में जिस चीज का सामना लोगों को करना पड़ रहा है वह है पानी की किल्लत। जहां एक ओर देश के कई राज्यों में लोग पानी को लेकर लोग तरस रहे हैं वहीं एक जगह ऐसी भी है जहां लोगों के पास पानी की कोई कमी नहीं है। यहां एक तालाब ऐसा है जो एक नहीं बल्कि पांच गांवों की प्यास बुझा रहा है। बुंदेलखंड के छतरपुर जिले के घुवारा विकासखंड में बना ‘नया तालाब’ आमजन से लेकर मवेशियों तक की जरूरत को पूरा कर रहा है। 100 एकड़ में बना है यह तालाब सैकड़ों साल पुराना है, मगर नया तालाब के नाम से पुकारा जाता है।

यह तालाब हर साल गर्मियों में सूख जाया करता था, मगर इस बार ऐसा नहीं हुआ। मछुआरा समिति के अध्यक्ष गुमना रैकवार ने  बताया कि इस तालाब से लगभग पांच गांव कंदवा गांव, मड़ीखेरा, कवइयन, कुंदलया और कुसाई के मछुआरों की जिंदगी चलती है। सिंघाड़ा और मछली पालन से उनकी आय होती है। हर साल गर्मी आते ही दबंग लोग पंप लगाकर तालाब का सारा पानी अपनी खेती के लिए खींच लिया करते थे, मगर इस बार सभी मछुआरा लामबंद हुए और पंप नहीं लगने दिए।’ सामाजिक कार्यकर्ता उत्तम यादव ने बताया कि यहां पानी पंचायत और परमार्थ संस्था ने मिलकर तालाब को बचाए रखने का अभियान चलाया, इसमें बड़ा मलेहरा के अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व (एसडीएम) राजीव समाधिया का सहयोग रहा, जिसके चलते इस बार दबंग लोग तालाब में पंप नहीं लगा पाए, जिससे तालाब में आज भी पानी है।

बीते सालों में यहां के दबंग तालाब में पंप लगाकर पानी खींचकर अपने खेतों की सिंचाई कर लेते थे। इस बार ऐसा नहीं हुआ, यही कारण है कि बारिश के न होने पर भी एक माह तक पानी की दिक्कत नहीं आएगी। धनीराम रैकवार की मानें तो इस ऐतिहासिक तालाब का रखरखाव न होने के कारण बारिश का बहुत सा पानी बह जाता है। इसकी निकासी स्थलों की मरम्मत करा दी जाए तो इस तालाब में पूरे साल काफी पानी रहेगा। इसका लाभ आसपास के लोगों को तो होगा ही साथ ही मछुआरा समाज बहुल गांव के परिवारों की जिंदगी ही बदल जाएगी। मछुआरा समुदाय की पानी को बचाने की जिद और प्रशासन के सहयोग ने ऐतिहासिक तालाब को पानीदार बना रहने दिया, जिसके चलते सूखे की मार का ज्यादा असर यहां के लोगों की जिंदगी पर नहीं पड़ा है। समूचे बुंदेलखंड के लोग इसी तरह जाग जाएं और पानी संरक्षण के साथ उसकी लूट को रोकने में कामयाब हों तो यहां की तस्वीर बदलने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा।

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