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सफलताः 25 लाख रुपये की Cyber ठगी का आरोपी विदेशी arrest

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Foreign Arrest : शिमला। साइबर क्राइम से ठगी के एक मामले में सीआईडी साइबर सैल को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर सैल ने नाइजीरिया मूल के एक व्यक्ति को 25 लाख रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है। सैल ने इस अपराधी के कब्जे 6 एटीएम, तीन मोबाइल फोन और पांच मोबाइल सिम के साथ-साथ 45 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की है।

CID साइबर सैल के हाथ लगी बड़ी सफलता

मंडी जिले की एक महिला ने साइबर थाना में 11 अप्रैल को शिकायत दी थी कि उसके साथ ठगी हुई है और ठगी 25 लाख रुपये की हुई है। महिला ने शिकायत में लिखा कि खुद को यूनाइटेड किंगडम का कारोबारी बताने वाले एक व्यक्ति का उनसे फेसबुक पर संपर्क हुआ। कुछ समय बाद उनकी बातचीत और आगे बढ़ी और फिर व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू और बात आगे शादी तक बढ़ गई।  

 यूनाइटेड किंगडम के पते से भेजी थीं कुछ गिफ्ट आईटम

महिला ने साइबर सैल को दी अपनी शिकायत में कहा कि उसे उस युवक ने यूनाइटेड किंगडम के पते से कुछ गिफ्ट आईटम भेजी और जब गिफ्ट आइटम लेने को संपर्क किया गया तो उन्हें कोरियर एजेंसी, कस्टम विभाग और आरबीआई आदि से पत्र आए और गिफ्ट आइटम लेने को पैमेंट करने को कहा गया। इस प्रकार उससे 25 लाख रुपये लिए गए और बाद में पता चला कि उनसे ठगी हुई है।

दिल्ली में एक माह रहकर सुलझाया मामला

सीआईडी के साइबर सेल के डीआईजी डॉ,. विनोद धवन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस शिकायत के दर्ज होने के बाद साइबर सेल इंस्पेक्टर विनोद ठाकुर की अगुवाई में एक जांच दल बनाया। इस दल में कांस्टेबल अनुपम, यमन और अश्वनी पटियाल शामिल थे। इस टीम ने इन्होंने दिल्ली का रुख किया और करीब एक माह वहां रहकर इस मामले की गहनता से छानबीन की। छानबीन का परिणाम टीम को 23 मई की शाम को 5.30 बजे मिला, जब पुलिस टीम को नाइजीरिया के एनुगुवांक्वू शहर के ओर्ज गांव के फ्रैंक ओगीजियोफर (31) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे दिल्ली के महावीर एन्कलेव से गिरफ्तार किया। इस दौरान हिमाचल पुलिस की टीम को दिल्ली पुलिस से भी पूरा सहयोग मिला और दिल्ली पुलिस ने भी इंस्पेक्टर नरेश की अगुवाई में एक टीम बनाई थी।

डॉ. धवन ने कहा कि नाइजीरिया मूल के इस व्यक्ति ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह मेडिकल वीजा पर अप्रैल 2015 में भारत आया था और इस दौरान उसने पहले भी साइबर फ्राड किया था। इसी साइबर फ्राड के चलते हरियाणा पुलिस ने 2016 में गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि नाईजीरिया मूल के व्यक्ति को उनकी सेल दिल्ली से पकड़ कर यहां लाया है और कोर्ट ने उसे 29 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। उन्होंने कहा कि साइबर सेल ने ठगी के बड़े मामले में यह अहम सफलता प्राप्त की है। 

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