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Sirmour जिले में चार बाल विवाह अवैध करार, मायके वापस भेजीं नाबालिग

कुछ दिन पहले हुई चार शादियां, चाइल्ड लाइन ने दी दबिश

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शिलाई, संगड़ाह। जिला Sirmour में Four Minor girl की Marriage का मामला सामने आया है। इस मामले में चाइल्ड लाइन Sirmour की टीम ने दबिश देकर कार्रवाई अमल में लाई। कार्रवाई के दौरान टीम को पता चला कि सभी शादियां हाल ही में हुई हैं। तकरीबन दो सप्ताह में ही जिला Sirmour के दुर्गम क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों से Four Minor Girl की शादी करवाई गई।शादी के बंधन में बंधी सभी नाबालिगों की उनके अभिभावकों के साथ काउंसलिंग कराने के बाद  मायके वापस भेज दिया है। हैरानी की बात यह है कि दो मामलों में Minor girls के साथ उनके दुल्हे भी नाबालिग पाए गए। जबकि, दो दुल्हे बालिग थे। बहरहाल, चाइल्ड लाइन सिरमौर ने सभी जोड़ों को अलग कर दिया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिलाई उपमंडल की बालीकोटी पंचायत के डिमाना गांव से दो Minor Girl की कुछ दिन पहले ही शादी करवाई दी गई। डिमाना गांव की 16 साल की लड़की को नैनीधार भेजा गया जबकि, दूसरी लड़की को कोटली गांव के युवक के साथ शादी करवाई गई। दूसरे मामले में लड़की की उम्र 14 साल बताई जा रही है। जबकि, तीसरे मामला भी शिलाई से ही जुड़ा है। शिलाई तहसील की क्यारी गुंडाह पंचायत की नाबालिग की भी कुछ दिन पहले ही चेता मटियाना के एक युवक के साथ शादी हो गई थी। एक अन्य मामले में संगडाह के अंधेरी गांव की लड़की की शादी बड़ोल गांव में की गई। सारे मामले का जब चाइल्ड लाइन को पता चला तो काउंसर विनीता ठाकुर, टीम सदस्य सुंदर सिंह, निशा व ऊषा ने दबिश देकर शादी के बंधन में बंधे जोड़ों व अभिभावकों की काउंसिलिंग करवाई। टीम को पता चला कि सभी लड़कियां अभी नाबालिग है। ऐसे में टीम ने नाबालिग लड़कियों को उनके अभिभावकों के हवाले कर दिया।

उधर, काउंसलर विनीता ठाकुर ने बताया कि गरीबी व अशिक्षा के कारण लड़कियों की शादी करवाई गई है।  उन्होंने बताया कि सभी परिवार दलित परिवार से संबंध रखते हैं। काउंसिलिंग के दौरान पता चला कि उनके परिवारों को यह भी पता नहीं है कि शादी के लिए लड़की व लड़के की उम्र कितनी होनी चाहिए। लिहाजा, चारों लड़कियों को उनके घर वापस भेज दिया है।

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