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Exclusive: Gold Refinery का सच : Virbhadra शासनकाल में 14 Crore से ज्यादा वापस करने का लिया था फैसला

Gold Refineries himachal Entry Tax issue : एजे गोल्ड एंड सिल्वर Refinery नादौन के 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 466 रुपए हुए थे माफ

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Gold Refineries himachal Entry Tax issue : लोकिन्दर बेक्टा/शिमला। कांग्रेस की Virbhadra सरकार के वक्त प्रदेश की दोनों Gold Refinery को जिस Entry Tax से राहत दी थी, अब बीजेपी की Jai Ram के नेतृत्व वाली सरकार ने उसे पलट दिया है। वास्तव में यह एंट्री कर की पूरी सच्चाई है क्या, जब इसे जानने के लिए हिमाचल अभी अभी ने अपने स्तर पर पड़ताल की तो उससे पता चलता है कि देशभर में हिमाचल ही एकमात्र ऐसा प्रदेश है यहां Gold Refinery पर Entry Tax लगाया गया है, जबकि अन्य किसी प्रदेश में यह लागू नहीं है।

  • साईं Refinery परवाणू को 5 करोड़ 65 लाख 21 हजार 975 रुपए की मिली थी राहत
  • 22 अगस्त को तत्कालीन वीरभद्र कैबिनेट ने लिया था फैसला, 11 अक्तूबर को जारी हुई थी अधिसूचना
  • देशभर में हिमाचल ही एकमात्र ऐसा प्रदेश है यहां Gold Refinery पर लगता है एंट्री टैक्स

Himachal में इन पर यह टैक्स इसलिए लगाया गया था, क्योंकि कंपनी का टर्नओवर ज्यादा था। जबकि इन रिफाइनरी का तर्क था कि गोल्ड की वैल्यू ज्यादा होने के कारण टर्नओवर ज्यादा होता है, लेकिन इनमें लाभ का मार्जिन बहुत कम होता है। इसे देखते हुए ही तत्कालीन वीरभद्र सरकार ने 22 अगस्त, 2017 को कैबिनेट में Entry Tax वापस लेने का निर्णय लिया था, जिसकी11 अक्टूबर को अधिसूचना भी जारी हो गई थी। लेकिन, सत्ता बदलने के बाद सारे समीकरण बदले और जयराम कैबिनेट ने इस फैसले को पलटते हुए इसकी विजिलेंस जांच का निर्णय ले लिया। पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि तत्कालीन वीरभद्र सरकार ने यह फैसला लेने से पहले उद्योग विभाग ने बाकायदा इस मामले को विधि और वित्त विभाग से उठाया था और वहां से इन मामलों की सारी स्थिति कैबिनेट के समक्ष रखी गई थी और उसके बाद ही कैबिनेट की 22 अगस्त, 2017 को हुई बैठक में एंट्री टैक्स माफ करने के फैसले पर मुहर लगी थी। इस फैसले के बाद मामला फिर विधि और वित्त विभाग के पास गया था और फिर जाकर 11 अक्टूबर, 2017 को इसकी अधिसूचना जारी हुई थी।

Gold Refineries himachal Entry Tax issueउसके बाद ही दोनों गोल्ड रिफाइनरी के हित में फैसला लेते हुए इन्हें 14 करोड़ 10 लाख 98 हजार 423 रुपए वापस करने का फैसला लिया गया था। इनमें एजे गोल्ड एंड सिल्वर रिफाइनरी नादौन में है, जबकि दूसरी साईं रिफाइनरी परवाणू में है। तत्कालीन वीरभद्र के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने नादौन वाली रिफाइनरी को 2013-14 से 2015-16 का 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 466 रुपए माफ किए थे, जबकि परवाणू की रिफाइनरी को 2010-11 से 2016-17 तक का 5 करोड़ रुपए 65 लाख 21 हजार 975 रुपए माफ किए गए थे। उस वक्त विपक्षी बीजेपी ने इसे लेकर हो-हल्ला भी मचाया था। इन गोल्ड रिफाइनरी पर पहले अप्रैल 2010 में एक फीसदी एंट्री टैक्स लगती थी और फिर इसे 24 जनवरी 2011 को घटाकर 0.50 फीसदी किया गया और इसके बाद 31 मार्च 2012 में इसे और कम कर 0.25 फीसदी किया गया था। इसके बाद पहली मई 2016 में इसे घटाकर 0.10 फीसदी किया था। 0.10 फीसदी एंट्री टैक्स हो जाने के बाद भी एक किलो गोल्ड पर 3 हजार रुपए एंट्री टैक्स पड़ता था।

बताया जा रहा है कि बीते दिनों जब सीएम जयराम ठाकुर नादौन आए थे उस वक्त इन गोल्ड रिफाइनरी के कर्ताधर्ता इस संबंध में उनसे मिले थे। इस बाबत एजे गोल्ड रिफाइनरी के मालिक प्रभात चौधरी ने हिमाचल अभी अभी से बातचीत करते हुए बताया कि देशभर में किसी भी गोल्ड, सिल्वर और प्लेटिनम की रिफाइनरी पर एंट्री टैक्स नहीं लगता। यहां पर पिछली कांग्रेस सरकार ने ज्यादा टर्नओवर को देखते हुए यह टैक्स लगाया था, लेकिन जब सरकार को वास्तविक्ता बताई गई तो उन्होंने फैसला बदला। चौधरी का कहना था उन्होंने इस संबंध में सीएम जयराम ठाकुर से भी बात की थी और वे इनसे दोबारा मुलाकात करेंगे और देशभर की सभी राज्यों द्वारा जारी की गई अधिसूचनाओं को सौंपेंगे और इस फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह करेंगे। याद रहे कि बीते कल जयराम कैबिनेट ने प्रदेश की दोनों गोल्ड रिफाइनरी को माफ किए गए एंट्री कर के फैसले को रद्द कर दिया है। अब दोनों रिफाइनरी को वापस मिले एंट्री टैक्स की वसूली होगी, साथ ही इसकी जांच विजिलेंस से करवाने का भी निर्णय लिया गया है।

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