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राज्यपाल के DC-SP को आदेश, जुए के अड्डों पर रखें पैनी नजर

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लोकिन्दर बेक्टा/ शिमला। व्यापारिक संबंधों का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय लवी मेला आज से शुरू हो गया है। रामपुर बुशहर में शुरू हुए इस मेले को लेकर दुकानें सज गई हैं, लेकिन साथ ही वहां पर दूसरा कारोबार भी खूब पनप रहा है और वह है जुए का। जुए का नाम आते ही लवी मेले का नाम जुबां पर आता है और लवी मेले के दौरान रामपुर के आस-पास कई स्थानों पर खूब जुआ खेला जाता है। रामपुर के साथ लगते ब्रौ और जगातखाना में सबसे ज्यादा जुआ खेला जाता है। राज्यपाल आचार्य देवव्रत को भी इसकी जानकारी मिली है।

लवी मेले के उद्घाटन के बाद अचानक ब्रौ पहुंचे राज्यपाल

मेले का उद्घाटन करने के बाद राज्यपाल अचानक ब्रौ पहुंच गए। उनके ब्रौ पहुंचने की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। रामपुर सतलुज नदी के एक ओर है और नदी के पार ब्रौ है। इस तरफ शिमला जिला है और दूसरी तरफ कुल्लू जिला पड़ता है। ब्रौ और जगातखाना कुल्लू जिले में आता है और वह कुल्लू जिला प्रशासन के अधीन है। आज राज्यपाल ने नदी पार पहुंचकर हालात का जायजा लिया और वहां पर पुलिस के पुख्ता प्रबंध न देख उन्होंने शिमला और कुल्लू के डीसी और एसपी व अन्य संबंधित अफसरों को जरूरी निर्देश दिए और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। राज्यपाल वहां पैदल चले और वहां की व्यवस्था को भी देखा।

राज्यपाल के ब्रौ पहुंचने से हरकत में प्रशासन, होगी रेड

राज्यपाल ने शिमला और कुल्लू जिला प्रशासन के निर्देश दिए कि दोनों जिलों में जुए के अड्डों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और इसे रोकने के प्रभावी कदम उठाए जाएं। बताते हैं कि राज्यपाल ने कहा कि जुआ एक सामाजिक बुराई है और इससे लड़ने के लिए पुलिस को सख्ती से पेश आना चाहिए। उनका कहना था कि जुए के कारण लवी मेले के नाम पर भी बुरा असर पड़ता है और यह सही नहीं है। राज्यपाल के ब्रौ पहुंचने से प्रशासन भी हरकत में आएगा और जुओं के अड्डों पर रेड होगी। क्योंकि अब राज्यपाल को इसकी रिपोर्ट भी देनी है। गौर हो कि ब्रौ और जगातखाना में कई घरों में जुआ खेला जाता है। वहां पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने तो अपने भवन तक इसके लिए खाली रखे होते हैं और कमरों में जुआ खेला जाता है और बाहर से ताला लगा होता है। वहीं, कई कॉलेज में पढ़ने वाले युवा भी अपने कमरों को किराए पर देते हैं और उनसे अच्छी खासी रकम लेते हैं। इससे वहां पर स्थानीय लोगों को दिक्कत होती है, क्योंकि जुआरियों के आने से वहां पर कानून व्यवस्था भी खराब होती है।

व्यापारिक संबंधों का प्रतीक लवी मेला शुरू, Acharya Debavrat ने किया उद्घाटन

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