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PM साहब.. इनकी भी सुनो… बंधुआ मजदूर का जीवन जी रहे 2 लाख 70 हजार डाक सेवक

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नाहन। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ ने देश के पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वर्षों से लंबित मांगों का समाधान करने की गुहार लगाई है। पत्र में संघ ने कहा है कि देश में 2 लाख 70 हजार ग्रामीण डाक सेवक पिछले 30-40 साल की सेवाओं के बाद भी बंधुआ मजदूरी का जीवन जीने के लिए विवश हैं। सरकार ने ग्रामीण डाक सेवकों को आज तक नियमित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। न ही पेंशन की कोई सुविधा कर्मचारियों को प्रदान की गई है।

ग्रामीण डाक सेवक संघ सोलन डिवीजन की नाहन शाखा के प्रधान अनवर अली ने कहा कि देश के 80 फीसदी गांव व 20 फीसदी शहरों में डाक सेवक इमानदारी से कार्य कर रहे हैं। सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को मात्र एक लाख रुपये देकर घर भेज दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ भी अभी तक नहीं मिल पाया है।

उन्होंने पीएम से आग्रह किया कि पिछले तीन से चार दशकों के सेवाएं दे रहे डाक सेवकों को नियमित किया जाए। ताकि, 2 लाख 70 हजार डाक सेवकों के परिवारों को राहत मिल सके। यह एक ऐतिहासिक फैसला होगा। संघ का कहना है कि पीएम इस मसले पर जरूरी फैसला दें, जिससे लाखों डाकसेवकों को इसका लाभ मिल सके।

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