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High Court का बड़े अवैध कब्जाधारियों पर Without Political Pressure के दो सप्ताह में कार्रवाई का आदेश 

Forest Land पर अवैध कब्ज़ों के मामले में Officials को देना होगा Personal Affidavit

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लेखराज धरटा/ शिमला। Forest Land को Illegal Possession से मुक्त करवाने में डिमार्केशन के कारण हो रही देरी पर संज्ञान लेते हुए हिमाचल High Court ने कहा है कि Forest Department  बेदखली में अधिक समय ना लगाए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने कोर्ट में उपस्थित प्रदेश के सभी वन मंडलों के अधिकारियों, राजस्व विभाग के अधिकारियों व तहसीलदारों को ईमानदारी से अपने-अपने क्षेत्र के सबसे बड़े Illegal Possession पर Without Political Pressure में आकर Two Weeks में कार्रवाई करने के आदेश दिए।
High Court ने सभी उपस्थित Officials को दो सप्ताह के भीतर अपने Personal Affidavit  के माध्यम से Court को यह बताने के आदेश दिए कि उन्होंने प्रतिदिन के हिसाब से Illegal Possession के खिलाफ क्या. क्या कार्रवाई  की है।
साथ ही  Court ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई को सभी प्रकार के मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के आदेश भी दिए ताकि आम जनमानस को यह मालूम हो सके कि कानून तोड़ने वाले सबसे बड़े चोरों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है। इससे Forest Department ने Court को बताया कि  13 परिवारों ने करीब 3000 बीघा वन भूमि पर अवैध कब्जा कर सेब के बगीचे लगा रखे हैं। इससे पहले High Court ने वन मंडलाधिकारियों को निलंबित तक किए जाने की चेतावनी दी थी फिर भी उन अफसरों पर कोई असर नहीं हुआ।

इन लोगों ने कर रखा है वन भूमि पर अवैध कब्जा

अब तक सामने आए इन आंकड़ों के अनुसार जुब्बल उपमंडल तहत पहाड़ गांव के मोतीराम पुत्र पदम सिंह, बबलू पुत्र मंगत राम व लायक राम पुत्र पदम सिंह के पास सयुंक्त रूप से 345 बीघा, इसी गांव के अशोक कुमार पुत्र श्याम लाल, हेमंत ठाकुर पुत्र सोहन सिंह व ज्ञान सिंह पुत्र कर्म सिंह के पास संयुक्त रूप से 318बीघा, बरथाटा गांव के चंपा लाल पुत्र चुन्नी लाल, भूपेंदर सिंह पुत्र प्रताप सिंह, रमेश कुमार पुत्र माधु राम व मोहन लाल पुत्र भाग मल के पास संयुक्त रूप से 292 बीघा, बरथाटा व बधाल गांव के ज्ञानचंद पुत्र लच्छी राम, बलबीर दौलटा पुत्र मेघराम, शीशी राम जेट्टा पुत्र चेतराम, जोगिंदर किनट्टा  पुत्र राम सिंह व सुरेंद्र गुमता पुत्र प्यारे लाल के पास संयुक्त रूप से 279 बीघा, बरथाटा गांव के कुशाल चंद पुत्र हीरा सिंह व संत राम पुत्र लजीया राम के पास संयुक्त रूप से 239 बीघा,पहाड़ गांव के गोवर्धन पुत्र  भगतराम  व सुनील पुत्र शाम नंद के पास संयुक्त रूप से 199 बीघा, इसी गांव के जोगिंदर सिंह पुत्र मंगतराम, अजय  सूद पुत्र मस्तराम, बेली राम पुत्र बुद्धि राम, सुनील कुमार  पुत्र श्यामानंद के पास संयुक्त रूप से 199 बीघा, धार गांव के प्रकाश धौलटा पुत्र नाथू राम, बलवंत पुत्र बाला,  मोहन सिंह पुत्र रेलू राम, नंद व महेंद्र सिंह पुत्र मोहन लाल, जीवन सिंह पुत्र भीकाराम के पास संयुक्त रूप से 199 बीघा, इसी गांव के नरेंद्र चौहान पुत्र लच्छीराम प्रमोद पुत्र तुलसीदास, सोहन सिंह बाली पुत्र ठाकुर राम व प्रताप चौहान पुत्र परसराम के पास संयुक्त रूप से 199 बीघा, पुराने जुब्बल और बेरली गांव के सुरेंद्र ऑक्टा, गंगा राम रेलु व गोविंद पुत्र गीता राम के पास संयुक्त रूप से 146 बीघा,बलाई गांव के राय सिंह घूमटा, विपन लाल, उधम सिंह व संतराम घूमटा व रमेश के पास संयुक्त रूप से 132 बीघा, शिलार गांव के आनंद धानटा व भक्त राम पुत्र मदन सिंह, विजय आनंद पुत्र मोहन लाल, अरुण चंद पुत्र पदम सिंह के पास संयुक्त रूप से 119बीघा, छाजपुर गांव के राजीव चौहान पुत्र जिया लाल के पास 110 बीघा वन भूमि पर अवैध कब्जों का पता चला है।

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