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सवालों के घेरे में Pollution Control Board की भर्ती, HPU से करवाई़, 25 lakh भी दिए 

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लोकिन्दर बेक्टा, शिमला। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में वर्ष 2015 में जो पद भरे गए हैं, उनकी भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। इन पदों को भरने के लिए जो भर्ती प्रक्रिया अपनाई गई, वह शंका जाहिर करने वाली है, क्योंकि इनकी भर्ती राज्य में खुले हुए चयन आयोगों से न करवाकर हिमाचल प्रदेश विवि से करवाई गई है और इसके लिए उसे 25 लाख रुपये भी दिए गए। उन्होंने भटियात के विधायक बिक्रम जरियाल द्वारा सिंहुता के तीन लोगों की प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में चयन पर सवाल उठाने पर कहा कि इन मामलों की जानकारी जुटाकर आगे कदम उठाए जाएंगे।
इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान यह मामला उठा। बीजेपी सदस्य बिक्रम सिंह जरियाल ने मामला उठाया और जानकारी मांगी थी कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पिछले तीन वर्षों के दौरान कितनी नियुक्तियां की गई थीं।
इसके जवाब में सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि 2014 से 2017 तक 29 भर्तियां की गई और इनमें से 22 कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि लगता है कि नियमों की परिधि में इनकी तैनाती नहीं हुई है। उनका कहना था कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में फैसला लिया गया था कि क्लास दो से चार तक की भर्ती वे खुद करेंगे, जबकि रूल में प्रावधान नहीं हैं और इसके लिए यहां पर राज्य लोकसेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग बने हैं। उन्होंने कहा कि 71 पदों को भरने के लिए 12282 में आवेदन किया था और इनकी भर्ती एचपीयू से करवाई और 2015 में लिखित परीक्षा के बाद सितंबर 2015 में व्यक्तिगत टैस्ट हुआ और फिर 22 सितंबर को परिणाम घोषित किया गया।
सीएम ने कहा कि इस तरह इन पदों की भर्ती के पीछे मंशा क्या थी, जबकि सरकार में पद भरने की स्थापित व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जब स्थापित व्यवस्था से हटकर भर्ती की जाए तो प्रश्न तो पैदा होता ही है। इससे स्लेक्शन प्रोसेस पर कई सवाल खड़े होते हैं। सीएम ने कहा कि जहां तक उन तीन तैनातियों का सवाल है, जो विधायक ने उठाया है, उसकी वे सारी जानकारी जुटाएंगे और फिर कोई कदम उठाया जाएगा।

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