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कैबिनेट : किसानों को सरकार की सौगात, फल-सब्जियों पर टैक्स हटाया 

फल-सब्जियां ढोने वाले ट्रकों को सीजीसीआर टैक्स भरने से भी छूट

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शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने एचपी टैक्सेशन कानून 1999 में संशोधन करते हुए सभी तरह के फल-सब्जियों पर टैक्स में छूट का ऐलान किया है। इसके अलावा परवाणू/ चक्की मौर बैरियर पर फल-सब्जियां ढोने वाले ट्रकों को सीजीसीआर टैक्स भरने से भी छूट दे दी है। 
मंगलवार को सीएम जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लोहा और स्टील, यार्न और प्लास्टिक के सामनों पर लगने वाले मौजूदा करों को कम करने या उनकी समीक्षा करने को भी मंजूरी दे दी, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। कैबिनेट ने छोटे उद्योगों पर बिजली पर ड्यूटी को 4 परसेंट से घटाकर 2 परसेंट करने, मझोले उद्योगों के लिए ड्यूटी 10 से घटाकर 7 परसेंट करने को भी मंजूरी दे दी। सरकार ने इसकी घोषणा बजट में की थी।
राज्य में वानिकी को बढ़ावा देने, खासकर महिला किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए एंटी हेल नेट्स खरीदने पर राज्य की ओर से सहायता देने के लिए एक गाइडलाइन को भी मंजूरी दी गई है। इससे किसानों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ाने और नुकसान से बचने में मदद मिलेगी। इस योजना राज्य की ओर से 80 फीसदी मदद दी जाएगी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्रीनहाउस रेनावेशन स्कीम के तहत 70 फीसदी सहायता देने और पीएम वंदना योजना के अंतर्गत राज्य कक्ष और जिला कक्ष बनाने की भी अनुमति दे दी है।
कैबिनेट: बीपीएल नियमों में संशोधन को मंजूरी
प्रदेश की जयराम सरकार ने बीपीएल परिवारों के लिए नियमों में व्यापक संशोधन किया है। आज सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में बीपीएल नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। नए नियमों के मुताबिक एक परिवार का विभाजन होने के बाद दूसरे भाई या अलग परिवार को बीपीएल में शामिल नहीं हो सकते हैं। एक परिवार से टूट कर दूसरा परिवार बनाने वालों को बीपीएल में आने के लिए तीन साल का इंतजार करना पड़ेगा। अब तक ऐसा होता रहा है कि एक घर के दो या उससे अधिक भाईयों को बीपीएल का लाभ लेने के लिए एक परिवार का विभाजन कर दिया जाता है। नए नियमों के तहत अब ऐसा नहीं होगा। प्रदेश में बीपीएल परिवारों की छंटनी करने के लिए ही प्रदेश सरकार ने नियमों में संशोधन किया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बीजेपी सरकार के आने के बाद बीपीएल सूची में गरीब लोगों को शामिल न कर रसूखदारों को शामिल किए जाने की शिकायतें आ रही हैं। इन शिकायतों को देखते हुए इस हाल ही में बीपीएल परिवारों की सूची में भी फेरबदल किया था।

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