- Advertisement -

कुछ Different करके दिखाओ Award मिलेगा

1

- Advertisement -

लोकिन्दर बेक्टा/ शिमला। यदि आपने किसी भी क्षेत्र में कोई नई पहल कर कोई उम्दा कार्य किया है तो आप सम्मान के हकदार हो सकते हैं। सरकार आपको स्टेट इनोवेशन अवार्ड स्कीम के तहत सम्मानित करेगी। यह सम्मान कृषि, बागवानी, पर्यटन, सामाजिक क्षेत्र के साथ-साथ अकादमिक क्षेत्र में नई खोज करने वाले व्यक्तियों को मिलेगा। सरकार ने इसके लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं।

  • सरकार स्टेट इनोवेशन अवार्ड स्कीम के तहत बांटेगी पुरस्कार
  • सरकारी विभागों के साथ-साथ गैर सरकारी संस्थाएं भी कर सकती है आवेदन

इसके लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ गैर सरकारी संस्थाएं भी आवेदन कर पाएंगी।hindi आवेदन 28 फरवरी तक किए जा सकते हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त और योजना) डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने स्टेट इनोवेशन अवार्ड स्कीम के संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को पत्र लिखा है। इसे स्टेट इनोवेशन काउंसिल के सदस्यों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों, निगमों के प्रमुखों को भी भेजा गया है। इसके तहत राज्य में कार्य कर रहे विभाग, बोर्ड, निगम, गैर-सरकारी संस्थाएं, कोई व्यक्ति, स्कीम के तहत अवार्ड हासिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
28 फरवरी तक करें आवेदन
आवेदन 28 फरवरी 2017 तक किए जा सकेंगे। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति योजना विभाग की वेबसाइट पर भी देख सकता है। इसमें स्कीम के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। इस अवार्ड के लिए कौन, कब और कैसे आवेदन कर सकता है, इसकी विस्तृत जानकारी मिल जाएगी।
मकसद नई पहल को मान्यता देना
बताया जाता है कि इस पुरस्कार का मकसद इन सभी क्षेत्रों में हर दिन की जा रही नई पहल को मान्यता देना है। इससे बेहतरीन कार्य करने वाले पुरस्कृत होंगे और नया सोचने वाले लोग और अच्छा कार्य कर पाएंगे। वर्ष 2016-17 के लिए यह अवार्ड स्कीम है। happy-manवैसे सरकार इन क्षेत्रों में कार्य करने के खूब दावे करती है, लेकिन हिमाचल में फिर भी अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। राज्य में पर्यटन क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं और, लेकिन फिर भी यह आज उस मुकाम पर नहीं है, जहां इसे होना चाहिए। इसके लिए यदि कोई निजी क्षेत्र आगे हाथ भी बढ़ाता है तो सरकारी उदासीनता या फिर कहें कि अफसरशाही का उदासीन रवैया उसे आगे नहीं बढ़ने देता।  हिमाचल में पर्यटन की संभावनाएं कितनी हैं, यह किसी सी छिपी नहीं। हर राजनीतिक मंच या फिर सरकारी और गैर-सरकारी मंच, सब में इसकी चर्चा होती है, लेकिन फिर भी आज राज्य में गिने चुने पर्यटन स्थल ही हैं, जहां तक सैलानियों की पहुंच है। ऐसा ही हाल कृषि और बागवानी का भी है। कृषि में तो कम, लेकिन बागवानी में अब युवा अपनी सोच से कुछ नया करने में जरूर लगे हैं।
बदलाव की बयार
चाहे वह अपने सीमित साधनों से उत्पादन बढ़ाने की बात हो या फिर सेब और अन्य फलों की मार्केटिंग की बात, इसमें भी पिछले कुछ वर्षों में परिवर्तन आया है। सरकारी उदासीनता के बाद भी कुछ जुझारू लोग नई सोच के साथ नई खोज में लगे हैं और उन्हें ही अब सरकार सम्मानित करेगी। इनमें कौन-कौन लोग और संस्थाएं आती है, यह तो 28 फरवरी के बाद पता चलेगा, लेकिन कई क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें काफी कुछ किया जा सकता है और कुछ पर नई पीढ़ी ने किया भी है। इन हालात में यदि कुछ युवा सरकार की ओर से सम्मानित होते हैं तो इससे रा्ज्य में काफी पॉजीटिव माहौल पैदा हो सकता है और कईयों को प्रेरणा मिल सकती है।

- Advertisement -

1 Comment
  1. priya kumari says

    good……

%d bloggers like this: