Inside Story: वीरभद्र Govt को अपनो से “अस्थिर” करवाने का Plan

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दिल्ली। हिमाचल में वीरभद्र सरकार चार साल पूरे कर गई पर उसे अस्थिर करने की कोई कसर नहीं छोड़ी गई। वीरभद्र सरकार को अस्थिर करने के लिए बीजेपी ने ऐसा गेम प्लान तैयार किया कि सरकार के ही मोहरों को इस्तेमाल कर लिया। यूं ही चार साल पुराने मुद्वे बार-बार बाहर नहीं आ रहे हैं इस चुनावी वर्ष में। बाकायदा इसके पीछे एक बड़ा गेम प्लान बनाया गया है, यह प्लान दिल्ली में कुछ लोगों की जुंडली ने मिलकर बनाया है। इसमें प्रदेश बीजेपी को भी खबर नहीं रही होगी,पर चौधरी विरेंद्र का चार साल पहले किया-धरा आज भी वीरभद्र सरकार की परेशानी का सबब बना हुआ है।

  • चौधरी विरेंद्र का किया-धरा आज भी सरकार की परेशानी 
  • यूं ही नहीं उठाए जा रहे हैं चार-चार साल पुराने मुद्दे 

virenderचौधरी विरेंद्र उस वक्त हिमाचल में कांग्रेस के प्रभारी के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान सीएम वीरभद्र सिंह से उनका छत्तीस का आंकड़ा किसी से छिपा नहीं है,उन्होंने जैसे चाहा हिमाचल में कांग्रेस को हांका यह अलग बात है कि उस वक्त वीरभद्र सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद चौधरी विरेंद्र कुछ ज्यादा नहीं कर पाए पर उस वक्त भी चंद एक कांग्रेसियों ने चौधरी की पूरी मदद की। खैर चौधरी कांग्रेस से रूखस्त हुए बीजेपी में जा मिले आज केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री हैं।

चौधरी की उस वक्त की टीस आज भी उन्हें हिमाचल कांग्रेस की याद दिलाती vir27रहती है। तभी तो यह प्लान बना,कैसे अस्थिर की जाए हिमाचल में वीरभद्र सरकार। उसके बाद से ही कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ हिमाचल सरकार में बैठे लोगों के मुंह से ही उगलवाया जा रहा है। चौधरी विरेंद्र अकेले इस काम में नहीं है इस काम में दिल्ली में बैठे कुछ एक सफेदपोश कांग्रेसी भी शामिल हैं। किसी ना किसी तरह हिमाचल की वीरभद्र सरकार को अस्थिर करने का काम करते रहते हैं। मकसद यही है कि वीरभद्र सिंह की रहनुमाई में अगला चुनाव ना लड़ा जाए। खैर अंदर की बात यह है कि अब इस लड़ाई को और तेज किया जाएगा। ऐसे संकेत दिल्ली के पालिटिक्ल गलियारों से मिल रहे हैं।

 

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