Mission Delhi Complete-चंडीगढ़ लौटे Virbhadra, धर्मशाला के लिए पकड़ी सड़क

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दिल्ली । सीएम वीरभद्र सिंह चार घंटे में ही दिल्ली से लौट आए। सिंह आज दोपहर में ही विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही को बीच में ही छोड़कर दिल्ली आए थे। उनके इस शॉटकट दिल्ली दौरे में परिवहन मंत्री जीएस बाली भी साथ थे। सिंह ने कांगड़ा हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए उड़ान भरी, दिल्ली पहुंचे और दो घंटे बिताने के बाद वापस उड़ान भर ली। heliदिल्ली से करीब चार बजकर बीस मिनट पर उड़ान भरने के साथ ही लैंडिंग के लिए दिक्कत पेश आने लगी। क्योंकि सूर्यअस्त के बाद रोशनी कम मिलने के चलते कांगड़ा एयरपोर्ट पर लैंडिंग संभव नहीं थी। इसी तरह धर्मशाला स्थित पुलिस ग्राउंड में भी लैंडिंग नहीं हो पाई, जिसके चलते चंडीगढ़ व ऊना से को भी स्टैंड बाई रखा गया। अंततः सीएम के हेलिकॉप्टर को चंडीगढ़ के राजेंद्रा गार्डन में उतारा गया। वहां से सड़क मार्ग द्वारा धर्मशाला के लिए निकल पड़े। अति पुख्ता जानकारी बताती है कि सीएम वीरभद्र सिंह जब दिल्ली पहुंचे तो अपने आवास स्थान जाने के बजाय सीधे गंतव्य की तरफ निकल पड़े, वहां मीटिंग के बाद सीधे सफदरजंग स्थित हेलिपैड पहुंचे और हेलिकॉप्टर में सवार होकर वापस लौट आए। अब इस दो घंटे के अंतराल में वह कहां मीटिंग करने गए अभी तक तो यही पता चला है कि मामला कोर्ट से जुड़ा हुआ था। उसी सिलसिले में यह शॉटकट टूअर था।

 

मानो न मानोः सारथी बन ही जाते हैं बाली

धर्मशाला। वीरभद्र सरकार में परिवहन का जिम्मा संभालने वाले जीएस बाली की एक बात तो माननी ही पड़ेगी कि सारथी उनसे अच्छा कोई नहीं। सीएम वीरभद्र सिंह विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बीच ही दिल्ली के लिए उड़े तो उनके साथ और कौन था, बाली। यानी बाली भी सीएम की दिल्ली उड़ान में साथ गए।

  • सीएम के कई बार काम आते रहे हैं बाली
  • दिल्ली में मजबूत पकड़ भी रखते है परिवहन मंत्री

दिल्ली में अपनी पकड़ का कई मर्तबा लोहा मनवा चुके बाली न-न करते भी सीएम वीरभद्र सिंह के कई मर्तबा काम आते हैं baliतो सारथी की भूमिका अदा करते हैं। अब जब बात 24 दिसंबर की निकल पड़ी तो पता चला कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी धर्मशाला के बाद नगरोटा के मस्सल में भी जाएंगे, उसके बाद से ही राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई। अगर माइनस बाली, धर्मशाला की रैली को देखा जाए तो इस बात पर संशय पैदा होने लगता है कि कहीं भीड़ पर प्रश्न चिन्ह न लग जाए। अब राहुल अगर नगरोटा बगवां जाएंगे तो निश्चित तौर पर बाली अपनी ताकत दिखाएंगे। वह ताकत भीड़ ही होगी। ऐसे में धर्मशाला में होने वाली रैली की भीड़ कहीं न कहीं तो कम होगी ही। खैर जो भी हो, इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा यही है कि वीरभद्र दिल्ली उड़े तो संग कौन, बाली। यानी कहीं न कहीं तो राजनीतिक मसला है। अब सायं साढ़े चार बजे का इंतजार हो रहा है कि दिल्ली से क्या राजनीतिक चर्चा साथ लेकर वापस आते हैं।

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