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Budget Session: IPH Minister महेंद्र सिंह बोले, पिछले तीन साल में हुई पाइप खरीद की जांच करेगी सरकार

 2 कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया,  छेड़छाड़ क्यों की गई, इसकी भी होगी जांच 

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शिमला। प्रदेश में पिछले तीन साल में हुए पाइप खरीद मामले को लेकर जांच होगी। Budget Session के दौरान सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बुधवार को इसका ऐलान किया। सरकार पिछले तीन साल में की गई पाइपों की खरीद मामले की जांच करवाएगी। इस दौरान कम पाइपों की खरीद और ज्यादा दाम के साथ-साथ ज्यादा पाइपें कम कीमत पर कैसे ली गई, इसकी जांच होगी। साथ ही प्रोवाइडिंग एंड लेइंग में सीवीसी की गाइडलाइन से छेड़छाड़ क्यों की गई, इसकी भी जांच होगी।

बीजेपी सदस्य बलवीर वर्मा के मूल और सुरेश कश्यप और नरेंद्र ठाकुर और कांग्रेस सदस्य मुकेश अग्निहोत्री के अनुपूरक सवाल पर महेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले तीन साल में विभाग ने पानी की विभिन्न ब्यास की कुल 44-13 मीट्रिक टन जीआई पाइप और 889270 मीटर एचडीपीई पाइप की खरीद ओपन टेंडर से की। उन्होंने जानकारी दी कि इस दौरान विभिन्न विनिर्देश/ब्यास की 521649 मीटर एमएसआरडब्ल्यू पाइप, 155755 मीटर एचडीपीई पाइप, 57492 मीटर जीआई पाइप और 69070 मीटर आरसीसी पाइप, प्रोवाइडिंग एंड लेइंग के माध्यम से ठेकेदारों द्वारा विभिन्न कार्यों के लिए खुद खरीद की गई। इस दौरान सुरेश कश्यप ने कम ज्यादा दाम पर कम और कम दाम पर ज्यादा पाइपों की खरीद का मामला उठाया और पूछा कि क्या इसकी जांच होगी। साथ ही सीवीसी की गाइडलाइन में छेड़छाड़ का भी मामला उठाया।इस पर महेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2015-16 में 3 लाख 42 हजार 192 मीटर पाइपें 105 करोड़ रुपए में खरीदी गई। वर्ष 2016-17 में 1 लाख 7 हजार मीटर पाइपें 312 करोड़ रुपए में खरीदी गई और अब 2017-18 में 72,327 मीटर पाइपें 20.78 करोड़ रुपए से खरीदी गई। उन्होंने कहा कि पाइपों की खरीद में आया यह अंतर भी जांच का विषय है और इसकी जांच करवाएंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय सीवीसी की गाइडलाइन में छेड़छाड़ की गई। इससे कई इंपैनल कंपनियां बाहर हो गई और 2 कंपनियां ही बची। ऐसे में लगता है कि 2 कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। इसमें छेड़छाड़ क्यों की गई, इसकी जांच होगी।

15 मार्च को होगी विभागीय स्तर की बैठक

इससे पहले महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में पाइपों की खरीद के लिए मंडल स्तर से लेकर मुख्य अभियंता स्तर पर कमेटी बनी हुई है। इनकी सिफारिशों के आधार पर प्रदेश स्तर पर बैठक होती है, जिसमें पाइपों की खरीद का निर्णय लिया जाता है। उनका कहना था कि अगले वित्त वर्ष के लिए की जाने वाली पाइप खरीद के लिए 15 मार्च को विभागीय स्तर पर बैठक होगी। इसमें सरकार सभी सुझावों पर अमल करेगी। इस बीच, कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने पूछा कि क्या पूर्व सरकार ने टेंडर रेट कांट्रेक्ट और बाजार रेट पर ही पाइपों की खरीद की। साथ ही कहा कि क्या अब सरकार ऐसा करेगी कि यदि बाजार में कम रेट पर पाइप है और रेट कांट्रेक्ट ज्यादा है तो बाजार से ही खरीद करेगी। इस पर मंत्री ने कहा कि यदि खुले बाजार में पाइपों का रेट कम मिलता है, तो ओपन मार्केट से भी इसकी खरीद करने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मंडलों और सभी विधानसभा हलकों में बिना किसी भेदभाव के काम करेगी।

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