500 करोड़ रुपये के कर्ज को अधिसूचना जारी, 14 फरवरी तक प्राप्त होगी राशि

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लेखराज धरटा/ शिमला। प्रदेश सरकार ने 500 करोड़ रुपये कर्ज लेने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। यह कर्ज 10 साल के लिए लिया जा रहा है। 500 करोड़ की राशि सरकार को आगामी 14 फरवरी को प्राप्त हो जाएगी। ऐसे में सरकार को ब्याज सहित यह राशि 14 फरवरी 2028 तक लौटानी होगी। राज्य की जयराम सरकार को डेढ़ माह के भीतर दूसरी बार कर्ज लेने की नौबत आ पड़ी है। इससे पहले जनवरी माह में सरकार ने 500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।

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ऐसे में साफ है कि बीजेपी सरकार को भी कर्ज के सहारे आगे बढ़ना होगा। पहाड़ी राज्य हिमाचल पर अब तक साढ़े 47 हजार करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ चुका है। राज्य सरकार ने पूर्ण राज्यत्व दिवस के मौके पर 25 जनवरी को कर्मचारी व पेंशनरों को 8 फीसदी अंतरिम राहत देने की घोषणा की थी, जिससे प्रदेश सरकार पर करीब 700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ना है। इसके चलते सरकार के वित्तीय समीकरण बिगड़ गए हैं। ऐसे में सरकार को एक बार फिर 500 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के लिए बाध्य होना पड़ा है।

प्रति व्यक्ति पर 57,642 रुपये का ऋण

राज्य सरकार की तरफ से बार-बार कर्ज लेने के कारण आर्थिकी ऋण जाल में फंसती जा रही है। इस कारण वर्ष, 2011-12 के दौरान प्रति व्यक्ति ऋण जो 40,904 रुपये था, वह वर्ष, 2015-16 में बढ़कर 57,642 रुपये हो गया है। यानि 5 साल में प्रति व्यक्ति ऋण में 41 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।

विकास के लिए 100 में से 40.86 रुपये

कर्ज लेने के बावजूद राज्य सरकार विकास कार्य के लिए 100 रुपये में से 40.86 रुपये ही व्यय कर पा रही है। कर्ज का बोझ राज्य पर इस कद्र बढ़ गया है कि इसको चुकाने के लिए 100 रुपये में से 10.43 रुपये ब्याज अदायगी और 100 रुपये में से 6.84 रुपए ऋण अदायगी पर व्यय करने पड़ रहे हैं। बजट का बड़ा हिस्सा अधिकारी व कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर व्यय होता है। इसमें वेतन पर 100 रुपये में से 28.98 रुपए और पेंशन पर 100 रुपये में से 12.89 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

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