Kasol पर सख्त हाईकोर्ट, DC को कहा अवैध रूप से चल रहे होटल बंद करवाओ

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शिमला। हाईकोर्ट ने डीसी कुल्लू को आदेश दिए हैं कि कसोल गांव में अतिक्रमण को तुरंत प्रभाव से हटाएं और वहां पर गैरकानूनी रूप से चल रहे होटलों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने डीसी कुल्लू को ये भीआदेश दिए हैं कि वह कसोल में कानून के विपरीत कार्य रहे किसी भी संस्थान को चलाने की अनुमति प्रदान न करें। साथ ही पुलिस महानिदेशक व जोनल निदेशक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो चंडीगढ़ को आदेश दिए हैं कि वह नशाखोरों के खिलाफ धर-पकड़ की प्रक्रिया को जारी रखते हुए ताजा स्टेटस रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष दाखिल करें।kasol kullu

न्यायालय ने ज्वाइंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट के अवलोकन के दौरान पाया कि कसोल गांव  में 60 में से  44 होटलों को पर्यटन विभाग की ओर से कोई भी अनुमति नहीं मिली है। इसके अलावा वे जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1974 वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1980 के अंतर्गत सक्षम विभाग से अनुमति नहीं ले रखी है। न्यायालय ने यह भी पाया कि यह होटल वन भूमि पर अतिक्रमण करके बनाए गए हैं।

रेस्टोरेंट्स, होटलो व ढाबों की तलाशी लें व  गैर-कानूनी गतिविधियों पर लगाएं  रोक

कोर्ट ने आदेश दिया कि इन होटलों को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए तथा इनके बिजली व पानी के कनेक्शन काट दिए जाएं । अगर जरूरत पड़ी तो इसके लिए एसपी कुल्लू की मदद ली जाए। कोर्ट ने कहा कि नशाखोरी की समस्या समाज में विकाल रूप धारण कर चुकी है आए दिन काफी मात्रा में प्रदेश से बड़ी मात्रा में  मादक पदार्थ सामग्री पकड़ी जा रही हैं।

हाईकोर्ट ने एसपी कुल्लू व क्षेत्रीय निदेशक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो चंडीगढ़ को गत 25 अक्टूबर को आदेश दिए थे कि वह ज्वाइंट टास्क फोर्स का गठन कर कसोल  के सभी रेस्टोरेंट्स, होटलो व ढाबों की तलाशी लें और वहां हो रही गैर-कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाये। ज्वाइंट टास्क फोर्स को यह भी आदेश दिए गए थे कि वह मलाणा गांव का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि उस क्षेत्र में पूरी तरीके से नशीले पदार्थों को उगाने व उनका व्यापार करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाए। मामले पर सुनवाई 11 जनवरी को होगी।

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