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अब मैं कह सकता हूं… कि मैं महान हूं

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रियो। गोल्ड जीतने के बाद जमैका के बोल्ट बेहद खुश हैं। उन्होंने ओलंपिक करियर को अलविदा कर दिया है। बोल्ट ने कहा कि अब मैं कह सकता हूं कि मैं महान हूं। मैं बहुत राहत महसूस कर रहा हूं कि ऐसा हो गया। मैं बहुत खुश हूं और खुद पर गर्व महसूस कर रहा हूं। यह सच हो गया है। मेरे ऊपर बहुत दबाव था। मैं इस जीत को बड़ी उपलब्धि मानता हूं।28_04_2016-rioolympic वहीं जापान के लिए रयोटो यामागाटा ने ओपनिंग लेग में दौड़ लगाई और टीम को रजत जीतने में मदद की जो जापान का ओलंपिक स्प्रिंट रिले में पहला पदक है। टीम ने इसी के साथ क्वालिफाइंग में कायम किये एशियाई रिकॉर्ड में भी सुधार किया, वहीं कनाडा ने 37.64 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए कांस्य पदक हासिल किया जो आंद्रे डी ग्रासे का रियो में तीसरा पदक है। उन्होंने 100 मीटर में ब्रोंज और 200 मीटर में सिल्वर मेडल जीता है। लेकिन यह रेस अमेरिका के लिये दिल तोड़ने वाली रही जब ट्रेवोन ब्रामेले बहुत ही आक्रामकता के साथ आगे आये कि वह लगभग झुक ही गये और अमेरिकी टीम को लगा कि 37.62 सेकेंड के साथ वह कांस्य जीत गये हैं। लेकिन स्थिति तब खराब हो गई जब उन्हें त्रिनिदाद एंड टोबैगो के साथ अयोग्य करार दे दिया गया। टीवी पर तस्वीरों से साफ हुआ कि ब्रोमेल गलती से बोल्ट की लेन में आ गये हैं। पूर्व विश्व रिकॉर्डधारी अमेरिकी धावक टाइसन गे ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि हम इस मामले में अपील कर सकते हैं, लेकिन हमें अयोग्य करार दे दिया गया। लेकिन हम फिर भी अपील करने पर विचार कर रहे हैं। रेस में जमैकन टीम में असाफा पावेल, योहान ब्लेक, निकले एश्मांडे ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और दो बार के विश्व रिकॉर्डधारी के काफी करीब रहे। लेकिन बोल्ट ने आखिरी पांच मीटर में जापान के अस्का कैमब्रिज को पीछे छोड़ते हुए अपना काम पूरा किया। बोल्ट को ओसाका में साल 2007 में हुई विश्व चैंपियनशिप में 200 मीटर रेस में हराने वाले एकमात्र खिलाड़ी टाइसन ने अपनी टीम के अयोग्य करार दिये जाने पर गहरी निराशा जताई लेकिन साथ ही बोल्ट की जमकर तारीफ भी की। उन्होंने कहा वह महान धावक हैं। उनके लिये बस यही कहा जा सकता है। वह जिस तरह के इंसान है उसे शब्दों में बयान ही नहीं किया जा सकता है। उन्होंने जो किया वह काबिलेतारीफ है।

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