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आईआईटी में भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस

दो सप्ताह के भीतर मांगा जबाव, नहीं तो होगी बर्खास्तगी

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मंडी। आईआईटी मंडी में जारी भाई-भतीजावाद के मामलों को उजागर करने वाले कर्मचारी सुजीत स्वामी को प्रबंधन ने कारण बताओ नोटिस जारी करके दो सप्ताह के भीतर जबाव देने को कहा है। सुजीत स्वामी द्वारा मंडी में की गई पत्रकार वार्ता को आचरण नियम का उल्लंघन बताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सुजीत स्वामी को दो सप्ताह के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा। तय अवधि में जवाब न देने की सूरत में उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। बता दें कि सुजीत स्वामी ने गत माह मंडी में एक पत्रकारवार्ता आयोजित कर आईआईटी प्रबंधन पर नौकरी देने में भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं प्रबंधन पर नियमों को ताक पर रख कर अपने खास लोगों को पदोन्नति व एक साल के सेवाकाल के बाद पांच-पांच वेतन वृद्धि देने का आरोप लगाया था।

आईआईटी मंडी के रजिस्ट्रार विशााल चौहान का कहना है कि सुजीत स्वामी के मामले को लेकर आईआईटी प्रबंधन ने एक कमेटी का गठन किया था। जांच में सुजीत स्वामी को आईआईटी के आचरण नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। आरोप है कि सुजीत ने अनियमितता का मामला प्रबंधन से उठाने के बजाय मीडिया से उठाया। इससे संस्थान की साख को नुकसान पहुंचा है।

सुजीत स्वामी दिसंबर में आईआईटी प्रबंधन से छुट्टी लेकर घर गया था। वह राजस्थान के कोटा का रहने वाला है। कुछ माह बाद उसने यह कह आईआईटी प्रबंधन से छुट्टी बढ़ाने का आग्रह किया था कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह फिट नहीं है। आईआईटी प्रबंधन ने उससे मेडिकल रिपोर्ट जमा करवाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सुजीत ने वेतन के बिना छुट्टी के लिए आवेदन कर दिया था जो 28 जून तक है।

वहीं इस मामले में सुजीत स्वामी का कहना है कि अगर आप देश हित में काम करेंगे तो पुरस्कार के बजाय कारण बताओ नोटिस मिलते हैं। अगर अधिकारियों के साथ मिलकर उनकी हां में हां मिलाए तो पदोन्नति मिलती है। उन्होंने कहा कि वे नोटिस का जवाब देंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई को जारी रखेंगे।

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