देव कमरूनाग का वादाः अढ़ाई दिन में होगी बारिश

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चैलचौक। बड़ा देव कमरूनाग के गूर ने बुधवार को कांढी कमरूनाग में देवता को धूप जलाकर आगामी अढ़ाई दिन में बारिश होने का दावा किया है। बुधवार को कांढी कमरूनाग में सैकड़ों लोगों, किसानों, बागवानों और लोगों ने देवता के गूर लीलमणि को कांढी कमरूनाग बुलाकर देवता को धूप जलाकर बारिश का परता देने की मांग की। गूर लीलमणी कांढी कमरूनाग पहुंचे और उन्होंने देव कमरूनाग को धूप जलाकर अढ़ाई दिन में बारिश करने की गुहार लगाई। देव कमरूनाग के गूर लीलमणिने उपस्थित लोगों के समक्ष दावा किया है कि अढ़ाई दिन में देव कमरूनाग बूंदाबांदी करेंगे। देवता के गूर के इस आश्वासन से हजारों लोगों और किसानों बागवानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

  • देवता के गूर लीलमणि ने देवता को धूप देकर किया परता देने का दावा
  • सैकड़ों किसान, बागवान और लोग पहुंचे कांढी कमरूनाग

देव कमरूनाग को मंडी जिला में संकट की घड़ी में बारिश का देवता माना जाता है। kamrunaag-1सूखे से जूझ रहे किसानों बागवानों में बारिश न होने के कारण हताशा का माहौल है। ऐसे में देव कमरूनाग से लोगों और किसानों बागवानों ने बारिश को लेकर मन्नत मांगने का क्रम शुरू कर दिया है। हाल ही में गोहर स्थित देव कमरूनाग की माहरन मंदिर कमेटी ने प्रशासन को लिखित रूप से देव कमरूनाग के गूर को गोहर बुलाकर देवता को धूप जलाने के लिए गुहार लगाई थी। मगर देव कमरूनाग मेहमान नवाजी के दौर से गुजर रहे थे, जिससे देव कमरूनाग का गूर प्रशासन को समय नहीं दे पाया। मेहमान नवाजी का क्रम खत्म होने पर किसानों बागवानों और लोगों ने देवता के गूर को कांढी कमरूनाग उनके पूजा स्थल पर आमंत्रित किया। जहां बुधवार को देव कमरूनाग के गूर ने बारिश को लेकर देवता को धूप दिया और अढ़ाई दिन का परता मांगा। देव कमरूनाग के गूर लीलमणी ने दावा किया है कि अढ़ाई दिन में देवता बारिश करेंगे। अगर अढ़ाई दिन में बारिश नहीं होती है तो फिर वर्तमान गूर लीलमणी की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है। बारिश न होने पर पुराने गूरों की अग्रि परीक्षा शुरू होगी। उधर मौसम विभाग ने भी 10 दिसंबर के बाद बारिश होने की संभावना जताई है। देवता के गूर लीमलणी से धूप दिलाने के लिए बस्सी, गोहर, खारशी, नौण, चैलचौक, बासा समेत अनेक पंचायतों के लोगों ने कांढी कमरूनाग पहुंच बारिश के लिए दुआ मांगी।

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