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व्यापारिक संबंधों का प्रतीक लवी मेला शुरू, Acharya Debavrat ने किया उद्घाटन

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रामपुर बुशहर। व्यापारिक संबंधों का प्रतीक अंतरराष्ट्रीय लवी मेला आज से शुरू हो गया। मेले का विधिवत उद्घाटन राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया। रामपुर के पाट बांग्ला मैदान के मंच से उपस्थित जनसमूह और व्यापारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति मेलों की संस्कृति है।  उन्होंने कहा कि लवी मेला यहां की पुरातन समृद्ध लोक संस्कृति का परिचायक है जिसे संजोए रखना सभी का परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि लवी मेला पुरातन समय से ही एक अंतरराष्ट्रीय मेला हुआ करता था। जिसमें तिब्बत, चीन तथा अफगानिस्तान के साथ व्यापार होता था। इस वैभव को बनाए रखने के लिए सरकारी स्तर पर भी सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं। यह उत्सव वस्तुओं के क्रय-विक्रय के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। इस दौरान राज्यपाल ने किन्नौर मार्केट व विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया।

14 नवंबर तक आधिकारिक तौर पर चलेगा मेला

बता दें कि मेले में प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया जाता है। जिससे सरकारी योजनाओं की आम जनता तक जानकारी पहुंचे। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय रामपुर लवी मेले का इतिहास 335 साल पुराना है। यह मेला हर तरह के व्यापार के लिए मशहूर है। मेले में लोगों को सर्दियों से पहले अपनी जरूरत की वस्तुएं खरीदने का अवसर मिलता है। इस मेले में खासकर ऊनी कपड़ों, बर्तनों, और मेवे का खूब कारोबार होता है।

मेला 14 नवंबर तक आधिकारिक तौर पर जारी रहेगा। सीएस वीसी फारका लवी मेले का समापन 14 नवंबर को करेंगे। लवी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्कूली बच्चे और स्थानीय कलाकार अपने कार्यक्रमों पर मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। 

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