Advertisements

कौन करता है ईश्वरा महादेव की पूजा …

Ishwara Mahadev Temple Mystery Pahadgarh Madhya Pradesh

- Advertisement -

रहस्यों के मामले में हमारा देश भी कहीं से कम नहीं है। यहां की रहस्यमयता ज्यादातर अध्यात्म से जुड़ती है। ऐसी ही कहानी है ईश्वरा महादेव की। मुरैना में पहाड़गढ़ से लगभग 15 किलोमीटर दूर घने जंगलों में अल सुबह होने वाली पूजा अब तक रहस्य बनी हुई है। लगभग 1000 साल पहले इन जंगलों में प्राकृतिक झरने के नीचे विराजमान ईश्वरा महादेव का पता चला।

किंवदंती है कि इसकी स्थापना रावण के भाई विभीषण ने की थी। तब से ही लगातार एक झरने से शिवलिंग के शीर्ष पर जलाभिषेक हो रहा है। सुबह साढ़े तीन बजे से चार बजे के बीच कोई अदृश्य शक्ति शिव की पूजा कर जाती है। घने जंगलों में इस शिवलिंग की अंधेरी रात में पूजा कौन करता है इस बारे में कोई नहीं जानता।

दर्शनार्थियों को शिवलिंग पर अपने-अपने आप बेलपत्र, फूल चढ़े हुए मिलते हैं। इस रहस्य को जानने के लिए पहाड़गढ़ के तत्कालीन राजा पंचम सिंह ने वहां अपने सैनिकों को पहरे पर रखा। रात के तीन बजते ही सभी सैनिक बेहोश हो गए। सुबह राजा वहां गए तो वे सब बेहोश मिले, पर शिवजी की पूजा हो चुकी थी। रोचक यह भी है कि यहां तीन पत्तों वाले बेलपत्र से लेकर 21पत्तों वाले बेलपत्र तक के गुच्छे मिलते हैं।

Advertisements

- Advertisement -

%d bloggers like this: