Padmavati पर बवालः करणी सेना ने बंगलुरु में निकाला जुलूस

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बंगलुरु। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर विरोध जारी है। बुधवार को राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने बंगलुरु में जुलूस निकालकर फिल्म को बैन करने की मांग की और भंसाली के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला। इससे पहले करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने राजस्थान के कोटा जिले में एक सिनेमाघर मेंपद्मावती का ट्रेलर दिखाए जाने पर तोड़फोड़ की। इस बीच बीजेपी विधायक और फिल्म यूनियन की एक मजदूर यूनियन के मुखिया राम कदम ने भी मनोरंजन जगत के पांच संगठनों से अलग राह ले ली है। उनका कहना है कि फिल्म की पब्लिसिटी के लिए किसी को इतिहास से छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दी जा सकती। कदम ने कहा कि अगर भंसाली इतिहास से छेड़छाड़ के पक्ष में हैं तो हम उन्हें किसी भी फिल्म की शूट में मदद नहीं देंगे। उनकी यूनियन बुधवार दोपहर इस बारे में कोई फैसला लेगी।

कई स्तर पर उठे हैं विरोध के स्वर

उधर पद्मावती में अहम भूमिका निभा रही दीपिका ने कहा, ‘फिल्म की रिलीज बहुत जरूरी है और इसे रिलीज होने से कोई नहीं रोक सकता। ‘एक महिला के रूप में मैं इस फिल्म का हिस्सा बनकर और इस कहानी को दुनिया को बताने के लिहाज से बेहद गर्व महसूस कर रही हूं। उधर, महाराष्ट्र में पद्मावती को बैन करने की मांग की गई है। बीजेपी के विधायक सुजीत सिंह ठाकुर ने सीएम को चिट्ठी लिखकर राज्य में फिल्म को प्रदर्शित करने से रोकने की मांग की है। फिल्म का विरोध सिर्फ बीजेपी ही नहीं कांग्रेस और दूसरे दलों ने भी की है। बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री उमा भारती, अनिल विज और साक्षी महाराज जैसे नेताओं ने इसका विरोध किया। गुजरात के पूर्व सीएम और राजपूत नेता शंकर सिंह वाघेला ने भी फिल्म की रिलीज का विरोध किया है।

पद्मावती में अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मिनी के बीच ड्रीम सीक्वेंस को लेकर विवाद था, उसपर मेकर्स की ओर से सफाई आ चुकी है। भंसाली ने हाल ही में सोशल मीडिया में एक बार फिर कहा कि फिल्म में इस तरह का कोई सीक्वेंस नहीं है। ये फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होनी है।

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