Advertisements

वामपंथी दलों ने Mandi, शिमला और Kullu में बोला हल्ला, Tripura हिंसा पर ठोस कदम उठाए केंद्र सरकार

मंडी में निकाली रोष रैली, केंद्र को भेजा ज्ञापन

- Advertisement -

मंडी। त्रिपुरा में वामपंथी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ हो रही हिंसा को लेकर देश भर में वामपंथी दल सड़कों पर उतर आए हैं। बुधवार को मंडी जिला मुख्यालय पर भाकपा और माकपा ने संयुक्त रूप ऐ रोष रैली निकाली और नारेबाजी की। इन वामपंथी दलों का कहना है कि त्रिपुरा में सत्ता परिवर्तन के साथ बीजेपी, आरएसएस और वहां का एक स्थानीय राजनीतिक दल वामपंथी विचारधारा के लोगों के साथ हिंसात्मक रवैया अपनाए हुए हैं।

इनके अनुसार त्रिपुरा में दो हार से अधिक वामपंथी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले हुए हैं, 140 कार्यालय जला दिए गए हैं और 250 से अधिक कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया है। इनका कहना है कि यह सब बीजेपी के इशारों पर हो रहा है और इसे रोकने के बजाए और ज्यादा हवा दी जा रही है। वामपंथी दलों का मानना है कि ऐसी घटना आजाद भारत के इतिहास में पहली बार हुई है कि सत्ता परिवर्तन के बाद किसी राजनीतिक दल के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा हो। इन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर इस हिंसा को तुरंत प्रभाव से रोकने की मांग उठाई है। साथ ही इन्होंने चेताया है कि अगर इसे जल्द नहीं रोका गया तो फिर देश भर में उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

घरों को तोड़ने व आग लगाने पर एडीएम के माध्यम से पीएम को भेजा ज्ञापन 

कुल्लू। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी माक्र्सवादी जिला कमेटी कुल्लू के प्रतिनिधिमंडल ने त्रिपुरा में बीजेपी द्वारा की गई राजनीतिक हिंसा के विरोध में एडीएम अक्षय सूद के माध्यम से पीएम को ज्ञापन भेजा, जिसके  के माध्यम से सीपीआईएम जिला कुल्लू के सचिव होतम सिंह सौंखला ने कहा कि त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में वहां की जनता ने बीजेपी को अपना समर्थन दिया है। चुनाव परिणाम के तुरन्त बाद त्रिपुरा में बीजेपी और आरएसएस तथा अन्य अलगाव ताकतों ने सीपीएम के कार्यकर्ताओं व हमदर्दों के साथ मारपीट और उनके घरों में तोड़फोड़ व आग लगाने का काम किया है। सीपीएम के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और की जा रही है, जिस प्रदेश में 25 वर्षो में सीपीएम की सरकार के चलते कभी भी किसी भी तरह के जात, धर्म और राजनीतिक द्वेष में दंगे फसाद नहीं हुए हैं। लेकिन बीजेपी को बहुमत मिलते की पूरे प्रदेश में राजनीतिक हिंसा के चलते आम जनता व सीपीआईएम के सदस्यों व हमदर्दो के साथ मारपीट शुरू कर दी।

शिमला में किया प्रदर्शन, पीएम को भेजा ज्ञापन

शिमला। त्रिपुरा में माकपा के कार्यालयों में तोड़फोड़ और वामपंथी कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों पर हिमाचल माकपा भी लाल हो गई है। माकपा ने यहां बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन कर इनकी कड़ी आलोचना की। रोष स्वरूप माकपा कार्यकर्ताओं ने यहां प्रदर्शन किया और नारेबाजी की और केंद्र से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।  माकपा कार्यकर्ताओ ने यहां डीसी ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माकपा कार्यकर्ताओं ने डीसी के माध्यम से पीएम को ज्ञापन भी भेजा।
Advertisements

- Advertisement -

%d bloggers like this: