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शिवरात्रि पर राशि के अनुसार कैसे करें पूजा-अर्चना जानिए …

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पुराणों के अनुसार शिवजी को एक बिल्व पत्र चढ़ाने से तीन जन्मों के पापों का नाश होता है। अगर इस दिन आप अपनी राशि के हिसाब से पूजा करेंगे तो मिलने वाला फल चौगुना हो जाएगा। जानिए कौन सी राशि को भगवान शिव की पूजा किस तरह से करनी चाहिए…

मेष –इस राशि का स्वामी मंगल है। बिल्व पत्र पर सफेद चंदन से श्रीराम लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करें। “ॐ नम: शिवाय” मंत्र का जप करें।
वृष – इस राशि के स्वामी शुक्र हैं। सुख शांति के लिए तुलसी मंजरी और बिल्व पत्र के साथ शिवलिंग पर दूध और चीनी मिश्रित जल चढ़ाएं। शिवपंचाक्षर स्तोत्र का पाठ करें।
मिथुन– इस राशि के स्वामी बुध की अनुकूलता के लिए शहद मिश्रित जल से अभिषेक करें। हरा वस्त्र और हरे फल शिव मंदिर में दान करें। ॐ नम: शिवाय मंत्र का जप करें।
कर्क -जल तत्व वाली इस राशि के स्वामी चंद्रमा हैं ।कर्पूर मिश्रित जल, दूध, दही, गंगाजल व मिश्री से शिवजी का अभिषेक करें। दूब और बिल्व पत्र चढ़ाएं। ॐ ह्रीं सौं नम: शिवाय मंत्र का जप करें।

सिंह – इस राशि के स्वामी सूर्य हैं। मिश्री व जल से अभिषेक करें। बिल्व पत्र के साथ लाल पुष्प चढ़ाएं। आक की माला अर्पित करें। शिवस्तोत्र का पाठ करें।
कन्या– इस राशि के स्वामी बुध हैं। दूध और शहद से शिवलिंग पर अभिषेक करें। पंचामृत से शिवलिंग का स्नान कराएं। बिल्व पत्र चढ़ाएं और धतूरा अर्पित करें। रूद्राष्टक का पाठ करें, तो अपयश और आर्थिक हानि से बच सकेंगे।
तुला – इस राशि का स्वामी शुक्र है। दही और गन्ने के रस से अभिषेक करें। बिल्व पत्र के साथ तुलसी और हरश्रृंगार की माला चढ़ाएं। शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें।
वृश्चिक –इस राशि का स्वामी मंगल है। दूब और बिल्व पत्र शिवलिंग पर गंगाजल के साथ चढ़ाएं। लाल चंदन का तिलक करें। शिवाष्टोत्तरशतनामावली का जप करें।
धनु – इस राशि के स्वामी गुरू की प्रसन्नता के लिए कच्चे दूध में केसर, मिश्री व हल्दी मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराएं। हल्दी व केसर से तिलक करें। रूद्र गायत्री “ॐ तत्पुरूषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।। तन्नोरूद्र प्रचोदयात्।” का जप करें। केला, आम, पपीता का दान दें।
मकर – इस राशि के स्वामी शनि हैं घी, शहद, दही और बादाम के तेल से अभिषेक करें, नारियल के जल से स्नान कराकर नीलकमल अर्पित करें। लघु मृत्युंजय मंत्र “ॐ जूं स:” का जप करें।
कुंभ-इस राशि का स्वामी भी शनि है। इस राशि के जातक तेल से अभिषेक करें, दूब और बिल्व पत्र के साथ शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, तो शारीरिक कष्ट, धनहानि, पारिवारिक कष्ट, शत्रु भय जैसी बाधाओं से बच सकते हैं। बीमारी या शत्रुभय हो तो महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
मीन – इस राशि के स्वामी गुरू की कृपा के लिए श्रावण मास में कच्चे दूध में हल्दी मिलाकर शिवजी को अर्पित करें। तुलसी मंजरी के साथ बिल्वपत्र, पीले पुष्प और कनेर के पुष्प शिवलिंग पर चढ़ाएं। केसर का तिलक करें। शिव पंचाक्षर मंत्र “ॐ नम: शिवाय” का जप करें।

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