सर्दियों में पीएं रोज एक गिलास माल्टा का जूस

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नींबू प्रजाति के सभी फलों में माल्टा के अंदाज अलग ही है। बेहतरीन स्वाद के अलावा हिमालयी क्षेत्रों में होने वाले इस फल के औषधीय गुण कहीं ज्यादा ही महत्वपूर्ण हैं। माल्टा नींबू प्रजाति का फल है। माल्टा का रस सेहत के लिए बहुत पौष्टिक और हितकारी है और यह किसी भी समय पिया जा सकता है। सर्दियों में प्रतिदिन एक गिलास माल्टा का जूस पीने की सलाह दी जाती है। इस जूस के सेवन से चयापचय दर और कैलोरी जलाने की क्षमता बढ़ जाती है।

माल्टा एक एंटीसेप्टिक, एंटीऑक्सीडेंट, खुशबूदार फल है। औषध विज्ञान के अध्ययन के अनुसार माल्टा का रस गुर्दे की पथरी, उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, प्रोस्टेट कैंसर और दिल के दौरे के इलाज के प्रयोग में लिया जाता है। माल्टा स्क्वैश भी बहुत लोकप्रिय है। यह हिमालय क्षेत्र का अनोखा पेड़ है। इसके फल, छिलके, रस व बीज के कई मेडिसीनियनल फायदे हैं। इसके छिलके का इस्तेमाल भूख बढ़ाने, कफ को कम करने, खांसी-जुखाम, अपच और स्तन कैंसर के घाव को कम करने के लिए किया जाता है। यह एक टॉनिक के रूप में भी प्रयोग में लिया जाता है।
छिलके के पाउडर से तैयार किया गया पेस्ट त्वचा के लिए बहुत प्रभावशाली और गुणकारी होता है, इसके इस्तेमाल से त्वचा में चमक बढ़ती है। इसका नियमित उपयोग मुंह में झुर्रियां और त्वचा में पड़ने वाली झाइयों को दूर करने के लिए किया जाता है। इसका पेस्ट बालों में लगाने से वे चमकदार और नर्म बनते हैं। इसकी छाल से निकाला गया तेल शरीर को डिटॉक्सिफाइ करता है और लसिका प्रणाली को बढ़ाता है। माल्टा के बीज बहुत उपयोगी होते हैं और पौंध तैयार करने के इस्तेमाल में लिए जाते हैं। बीज और फली आहार सीने में दर्द और खांसी के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। बीज का इस्तेमाल मवेशियों को खिलाने और ऊर्वरकों के उत्पादन करने के प्रयोग में भी किया जाता है। इसका सबसे अधिक उत्पादन उत्तराखंड में होता है।

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