सूर्य रत्न माणिक्य से मिलेगी पद-प्रतिष्ठा

वैदिक ज्योतिष के अनुसार माणिक्य रत्न, सूर्य का प्रतिनिधित्व करता है। लाल रंग के इस रत्न पर सूर्य का स्वामित्व है। मुख्यतः यह लाल या हल्के गुलाबी रंग का होता है। यह एक मूल्यवान रत्न होता है, यदि जातक की कुंडली में सूर्य शुभ प्रभाव में हो, तो माणिक्य रत्न धारण करना चाहिए। इसके धारण करने से अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ पद-प्रतिष्ठा तथा अधिकारियों से लाभ प्राप्त होता है। शत्रु से सुरक्षा, ऋण मुक्ति, एवं आत्म स्वतंत्रता प्रदान होती है। यह उच्च कोटि का मान-सम्मान एवं पद की प्राप्ति करवाता है। सत्ता और राजनीति से जुड़े लोगों को माणिक्य अवश्य धारण करना चाहिए क्योंकि यह रत्न सत्ता धारियों को एक ऊंचे पद तक पहुंचाने में बहुत सहायता कर सकता है।

manikya3यदि आप माणिक्य धारण करना चाहते हैं तो 5 से 7 कैरेट का लाल या हल्के गुलाबी रंग का पारदर्शी माणिक्य तांबे या स्वर्ण अंगूठी में जड़वाकर किसी भी शुक्लपक्ष के प्रथम रविवार के दिन सूर्य उदय के पश्चात अपने दाएं हाथ की अनामिका में धारण करें। अंगूठी के शुद्धिकरण और प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए सबसे पहले अंगूठी को दूध, गंगाजल, शहद और शक्कर के घोल में डुबो कर रखें, फिर पांच अगरबत्ती सूर्य देव के नाम जलाएं और प्रार्थना करें।

  • हे सूर्य देव मैं आपका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आपका प्रतिनिधि रत्न धारण कर रहा हूं मुझे आशीर्वाद प्रदान करें।

तत्पश्चात अंगूठी को जल से निकालकर ॐ घ्रणिः सूर्याय नम: मन्त्र का जाप 108 बारी करते हुए अंगूठी को अगरबत्ती के ऊपर से घुमाएं और 108 बार मंत्र जाप के बाद अंगूठी को विष्णु या सूर्य देव के चरणों से स्पर्श करवा कर अनामिका में धारण करें । माणिक्य धारण तिथि से बारह दिन में प्रभाव देना प्रारंभ करता है और लगभग चार वर्ष तक पूर्ण प्रभाव देता है फिर निष्क्रिय हो जाता है। अच्छे प्रभाव के लिए पारदर्शी माणिक्य 5 से 7 कैरेट वजन में धारण करें। सस्ते और भद्दे रत्नों को धारण करने से लाभ के स्थान पर हानि हो सकती है।

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