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परमार ने दिए 18,000 की दवाई लिखने वाले डॉक्टर के खिलाफ जांच के आदेश 

बद्दी में केंद्र के सहयोग से स्थापित होगी दवा टैस्टिंग लैब

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शिमला। स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने रामपुर के खनेरी अस्पताल में 18,000 की दवाई लिखने वाले डॉक्टर के ख़िलाफ़ जांच के आदेश दिए हैं। परमार ने कहा कि जेनरिक दवाइयों की जगह महंगी दवाइयां लिखने वाले डॉक्टरों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।  महंगी दवा लिखने का मामला बुधवार को  शिमला जिला परिषद की मीटिंग में जिला परिषद सदस्य दलीप कायथ और पंचायत समिति अध्यक्ष ने उठाया था। उनका आरोप था कि चिकित्सको और मेडिकल स्टोर वालों की सरेआम साठगांठ चल रही हैं।

स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार  ने कहा कि बद्दी में 15 करोड़ की लागत से दवा टैस्टिंग लैब स्थापित होगी इस लैब के लिए भवन एवं मशीनरी के लिए पैसे की अदायगी भी कर दी है, यह जानकारी  ने मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि यह लैब केंद्र की मदद से स्थापित होगी जिसमें 90:10 का अनुपात रहेगा। परमार ने कहा कि जल्द ही इस लैब पर काम शुरू कर दिया जाएगा ताकि हिमाचल में बनने वाली दवाइयों की गुणवत्ता बनी रहे।

देश में बनने वाली हर तीसरी दवाई हिमाचल में बनती है

उन्होंने बताया कि देश में 40,000 दवाइयों में से 12,000 दवाइयां हिमाचल में बनती है। यानी देश में बनने वाली हर तीसरी दवाई हिमाचल में बनती है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हिमाचल में वर्ष 2017-18 में दवाइयों के 1902 नमूने लिए गए, जिनमें से 1228 दवाइयों का परीक्षण हो चुका है। इनमें से लिए गए नमूनों में 42 सब स्टैंडर्ड पाए गए। जिनके ऊपर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। जाहिर है कि प्रदेश में बनने वाली दवाइयों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं और कई दवाओं के सैंपल भी फेल हुए हैं।

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