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हिमाचल बॉर्डर में घुसा उत्तराखंडी खनन माफिया, यमुना पुल और आबादी को खतरा 

Mining mafia from uttarakhand illegally entered in to himachal border 

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सचिन ओबराय / पांवटा साहिब। उत्तराखंड का खनन माफिया हिमाचल प्रदेश की सरहद को पार कर यमुना किनारे की खुदाई कर रहा है। रोजाना यहां से 100 से ज्यादा ट्रैक्टर भरकर उत्तराखंड ले जाए जा रहे हैं। यमुना किनारे गहरे गड्ढे खोदे जाने से नदी का बहाव मुड़ने का खतरा पैदा हो गया है। बरसात में ऐसा हुआ तो यमुना पुल और आसपास की आबादी को खतरा हो सकता है। 
दिन-रात अपनी आंखों के सामने खनन होता देख सभी अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। जिला खनन अधिकारी सुरेश भारद्वाज का कहना है कि उत्तराखंड के विकास नगर प्रशासन को पत्राचार के माध्यम से इस बारे अवगत करा दिया है। शीघ्र ही उत्तराखंड प्रशासन के साथ मिलकर इस अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिये उचित कार्यवाही की जाएगी।

मंदिर, डीएसपी ऑफिस सभी खतरे में

उत्तराखंडी खनन माफिया करीब 200 मीटर हिमाचल की सीमा में घुस आए हैं। उन्होंने दोनों राज्यों की सीमाओं के बीच लगाई गई लोहे की बुर्जियां व कंटीले बाड़ को भी उखाड़ दिया है। ऐसे में चंडीगढ़-देहरादून एनएच-07 पर बने यमुना पुल के साथ-साथ नदी किनारे के राधा कृष्ण मंदिर, डीएसपी कार्यालय और अधिकारियों के निवास को भी खतरा पैदा हो गया है। खनन माफियाओं ने हिमाचल की सीमा में करीब 200 फुट चौड़ें व 10 फुट गहरे कई गड्डे बना दिए हैं। जिससे जलस्तर बढने पर नदी का बहाव मुड़ जाने के कारण कभी भी भीषण त्रासदी हो सकती है।

पुलिस की नाक के नीचे खनन

उत्तराखंड की कुल्हाल पुलिस चौकी व हिमाचल के पावटा साहिब के पुलिस व प्रशासन की नाक तले लगातार चल रहे इस अवैध खनन को रोकने में सभी अधिकारी नाकाम साबित हो रहे हैं। यह खनन माफियाओं की दोनों राज्य सरकारों में अच्छी पकड़ के संकेत हैं। खनन माफिया एनएच-07 पर बने पुल के जड़ में भी धड़ल्ले से खनन कर रहे हैं, जबकि नियम के अनुसार पुल के 200 मीटर ऊपर तथा 500 मीटर नीचे की ओर खनन नहीं किया जा सकता।

 

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