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नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार नौकरशाही में ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है। सरकार के इस बदलाव के तहत अब नौकरशाही में प्रवेश के लिए संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करना जरूरी नहीं होगा। केंद्र सरकार ने लैटरल एंट्री के जरिये इस योजना को नया रूप दिया है। इसके तहत अब प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले सीनियर अधिकारी भी नौकरशाही का हिस्सा बन सकते हैं।
मोदी सरकार ने लैटरल एंट्री के माध्यम से 10 संयुक्त सचिव (जॉइंट सेक्रेटरी) पद के लिए अधिसूचना जारी करते हुए आवेदन आमंत्रित किए हैं। डीओपीटी की अधिसूचना के तहत राजस्व, वित्तीय सेवाए आर्थिक मामले, कृषि, किसान कल्याण, सड़क परिवहन और हाई-वे, शिपिंग, पर्यावरण विभाग में ज्वाइंट सेक्रेटरी के लिए आवेदन मांगे गए हैं।

क्या होगी योग्यता

विशेषज्ञता के अलावा इन पदों पर आवेदन के लिए न्यूनतम उम्र कम से कम 40 साल होनी चाहिए, जबकि अधिकतम उम्र की कोई सीमा नहीं है। उम्र का निर्धारण 1 जुलाई, 2018 के आधार पर किया जाएगा। आवेदक का किसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूशन से ग्रेजुएट होना भी जरूरी है। समान्य ग्रेजुएट और किसी सरकारी या पब्लिक सेक्टर यूनिट या यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव रखने वाला भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकता है। ज्वाइंट सेक्रेटरी के पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में कोई लिखित परीक्षा नहीं है। शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट्स का बस इंटरव्यू होगा। कैबिनेट सेक्रटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमेटी सभी कैंडिडेट्स का इंटरव्यू लेगी।
पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि इससे उपलब्ध स्रोतों में से सर्वश्रेष्ठ को चुनने का मौका मिलेगा। इस बदलाव के पीछे सरकार का मकसद है कि हर भारतीय नागरिक को अपनी प्रतिभा और क्षमता के हिसाब से विकास सुनिश्चित करने के लिए मौका मिले।

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