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वन रैंक-वन पेंशन पर कांग्रेस ने किए सिर्फ चुलबुले वादे

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मंडी। पीएम नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव से पूर्व मंडी के ही पड्डल मैदान से किए वन रैंक, वन पेंशन के वादे का जिक्र करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना शौर्य और वीरता का प्रतीक है। पाकिस्तान की नापाक धरती पर सेना की पैरा कमांडो की टुकड़ी ने सर्जिकल स्ट्राइक में बहादुरी का परिचय देकर सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। वे उन्हें सलाम करते हैं। देश के सेना के साथ ही पूर्व सैनिकों का योगदान भी देश की रक्षा में कम नहीं है। मोदी ने कहा कि कभी इजरायल की सेना के पराक्रम के किस्से सुनते थे, अब हमारी सेना भी कम नहीं है। उन्होंने भी दुनिया को अपना कौशल दिखा दिया है।

  • पीएम बोले, वीर जवानों के लिए कुछ करने का करता है मन
  • ओआरओपी की साढ़े पांच हजार करोड़ की पहली किश्त जारी, बाकि भी दूंगा।

modi-s2हिमाचल जैसे छोटे राज्य ने भी शौर्य गाथा में अपने नाम ऊपर अंकित कराया है। लोकसभा चुनाव के समय जब वे मंडी आए थे तो ओआरओपी का मुद्दा खूब गर्माया हुआ था। उन्होंने इसे देने का वादा किया था। जिसे उन्होंने पूरा कर दिया है। इसके लिए पूर्व सैनिक 40 साल से लड़ाई लड़ रहे थे। पूर्व सरकारों ने इनके साथ सिर्फ चुलबुले वादे ही किए। कभी 200 तो कभी पांच सौ करोड़ का प्रावधान किया। जब उन्होंने खुद इसका बीड़ा उठाया तो बात दस हजार करोड़ से ज्यादा की निकली। इसे एक साथ देना मुनासिब नहीं था, इसलिए स्वयं पूर्व सैनिकों से बात की। उनसे चार किश्तों में लाभ देने का वादा किया, जिसे उन्होंने मान लिया।

  • साढ़े पांच हजार करोड़ की पहली किश्त दे चुका हूं, बाकि भी ऐसे ही दूंगा। उनकी सरकार ही सेना के गौरव का सम्मान करने वाली सरकार है।

जब सेना से जुड़े लोग या उनके परिवार आशीर्वाद देते हैं तो इनके लिए कुछ करने का मन करता है और मन में हौसला आता है।

speec-4पीएमओ में मोदी चला रहे पुरातत्व विभाग

मंडी। छोटी काशी के पड्डल मैदान से पीएम नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं चूके। बीजेपी की परिवर्तन रैली में मोदी ने पूर्व यूपीए सरकार की जमकर बखियां उधेड़ी। उन्होंने कहा कि पीएमओ में उन्हें पुरातत्व विभाग खोलना पड़ा है। इसके जरिए वह बाबा आदम के जमाने की प्रोजेक्टों के पिंजर खोज-खोजकर निकाल रहे हैं। इसमें उन्हें दो प्रोजेक्ट हिमाचल के भी मिले हैं। उन्होंने एक रेलवे का चौंकाने वाला प्रोजेक्ट देखा है। नंगल बांध-तलवाड़ा रेल परियोजना 1981 में तय हो गई थी।

  • बाबा आदम के जमाने की परियोजनाओं की फाइलें ढूंढ-ढूंढ रहे निकाल
  • हिमाचल की दो रेल परियोजनाएं भी निकली, काम पूरा करने के दिए हैं निर्देश

modi835 साल इसे हो गए। जब उन्होंने देखा तो पूछा कि इसका क्या हुआ। नतीजा शून्य था। इसे उन्होंने खुदाई कर निकाला था, इसलिए काम शुरू हो गया है। पूर्व सरकारों की क्रिमिनल लापरवाही की वजह से मात्र 34 करोड़ का ये प्रोजेक्ट अब 2100 करोड़ का प्रोजेक्ट बन गया है। यही हाल भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन का हुआ है। दस साल पहले इस पर बात बन गई थी। पूर्व सरकार ने इस पर कुछ नहीं किया, जाते-जाते बजट में कुछ राशि का प्रावधान कर गए। इसे भी कागजों से बाहर निकाला है। दस हजार करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू हो चुका है।

पहले सबसे छोटी बेटी के हाथ पीले हों तो अजीब लगता है

पीएम ने पार्वती परियोजना के लोकार्पण को लेकर भी रैली में व्यंग्य कसा। मोदी ने कहा कि पार्वती योजना के तीन चरण हैं, पार्वती-1,2 व 3। आज पार्वती तीन का उद्घाटन हुआ है। एक व दूसरे चरण के लिए मुझे अभी भी धक्के मारने पड़ रहे हैं। परिवार में तीन बेटियां हों और सबसे पहले तीसरी के हाथ पीले हों तो अजीब लगता है।

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