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हत्या के दोषी को उम्रकैद और 20 हजार जुर्माना

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दया राम कश्यप/सोलन। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश सोलन जसवंत सिंह की अदालत ने हत्या के आरोपी को दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद की  सजा सुनाई है व 20 हजार रुपए जुर्माना किया है। अदालत ने जाबली पंचायत के कुराड़ गांव में हुई बेली राम हत्या मामले में दुर्गाराम को दोषी करार  देते हुए उम्रकैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के मामले में 3 वर्ष की कैद और 5 हजार रुपए  जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में परस राम के भाई दुर्गा राम को अदालत ने बरी कर दिया।
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उपजिला न्यायवादी हेमंत सिंह चौधरी ने बताया कि 9 फरवरी 2011 को परवाणू पुलिस को जाबली के कुराड़ गांव में सतीश बैरी के फार्म हाउस में बने  सैप्टिक टैंक से नर कंकाल मिला। डीएनए की जांच में यह कंकाल बेलीराम उर्फ विक्की निवासी खडविन, तहसील आनी, जिला कुल्लू का था, जो इसी  गांव में वर्षों से रहता था। जांच में पता चला कि बेलीराम के अभियुक्त परस राम की मां कमला देवी के साथ लंबे समय से अवैध संबंध थे। कमला देवी  के दो बेटे परस राम व दुर्गा राम और एक बेटी है। बेलीराम अभियुक्त परसराम के घर के समीप ही अलग मकान में रहता था। इसके चलते 15 जून  2008 को बेलीराम व परस राम के बीच झगड़ा हुआ। इसी दौरान परस राम ने गुस्से में आकर लकड़ी की एक कड़ी से बेलीराम के सिर पर प्रहार  किया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में परस राम व उसके भाई दुर्गाराम ने शव को गांव में सतीश बैरी के फार्म हाउस में बने सैप्टिक टैंक में डाल  दिया। तीन साल बाद परवाणू पुलिस ने इस मामले को सुलझाने में सफलता हासिल की। 9 फरवरी 2011 को पुलिस ने सैप्टिक टैंक से नर कंकाल को  निकाला। डीएनएन से शव की शिनाख्त की। इस मामले में परवाणू पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर चालान अदालत में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें  सुनकर अदालत ने यह फैसला सुनाया। मामले की पैरवी उपजिला न्यायवादी हेमंत सिंह चौधरी ने की।

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